बुलंदशहर: ऊंचागांव विकासखंड के शकरपुर गांव में प्राथमिक विद्यालय को मर्ज करने के सरकारी फैसले के विरोध में ग्रामीण आ गए हैं। मंगलवार को शिक्षक गांव के स्कूल के छात्र-छात्राओं को पड़ोसी गांव चठेरा के विद्यालय में ले जा रहे थे। गुस्साए अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षकों को बंधक बना लिया और उनके पास मौजूद पठन-पाठन सामग्री जब्त कर कर ली।
शिक्षक व स्टाफ का वीडियो
ग्रामीणों का दर्द
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को दूसरे गांव के स्कूल भेजना असुरक्षित और असुविधाजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गांव में पहले से स्कूल मौजूद है, तो मर्जर की क्या जरूरत है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों ने कहा, यहीं पढ़ेंगे बच्चे(वीडियो)
बीएसए का बयान सुनिए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि जनपद में 1862 सरकारी विद्यालयों में से 509 स्कूलों में छात्रों की संख्या 50 से कम है। ऐसे विद्यालयों को मर्ज कर ‘मॉडर्न स्कूल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि बच्चों को बेहतर संसाधन और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। जिले में अब तक 145 स्कूलों का मर्जर हो चुका है, जिसमें शकरपुर का विद्यालय भी शामिल है।
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मंशा पर सवाल भी हैं
हालांकि, मर्जर प्रक्रिया में अभिभावकों और छात्रों की सहमति न लेने से प्रशासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। नरसेना थाना क्षेत्र के शकरपुर में हंगामे की सूचना पर पहुंचे स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। शिक्षा विभाग का दावा है कि यह कदम छात्रों के हित में है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा। प्रशासन फिलहाल ग्रामीणों से बातचीत कर समाधान तलाशने में जुटा है।
शिक्षक संघ खामोश
मामले में प्राथमिक शिक्षक संघ या किसी अन्य संघ का बयान सामने आना चाहिए था। लेकिन किसी भी संग़ठन का कोई पदाधिकारी मुंह नहीं खोल रहा है।
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