चिराग त्यागी
स्याना: निजी अस्पतालों की लापरवाही ने लोगों की सेहत को खतरे में डाल दिया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सख्त निर्देशों के बावजूद नगर में बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण ठीक ढंग से नहीं हो रहा। कई निजी अस्पताल खुले में इस खतरनाक कचरे को फेंक रहे हैं, जिससे बीमारियों के फैलने का डर सताने लगा है।
स्याना में खुले में पड़ा बायोमेडिकल वेस्ट, वीडियो
खुले में बायोमेडिकल वेस्ट, खतरे की घंटी
बुधवार को स्याना के बुलंदशहर हाईवे मार्ग पर एक निजी अस्पताल के बाहर बायोमेडिकल वेस्ट खुले में फेंका हुआ देखा गया। यह कचरा, जिसमें इस्तेमाल की गई सिरिंज, दवाइयों के रैपर, और अन्य चिकित्सकीय अपशिष्ट शामिल हैं, स्थानीय लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि कुछ ऐसे अस्पताल भी इस लापरवाही में शामिल हैं, जो आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हैं।
एनजीटी और शासन के आदेश बेमानी
शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निजी अस्पतालों के पंजीयन और नवीनीकरण के दौरान बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण का प्रमाण पत्र अनिवार्य है। इसके बावजूद, स्याना में कई अस्पताल इन नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। उच्च अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग को बार-बार बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण की हिदायत दी है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं दिख रहा।
स्वास्थ्य विभाग का दावा, होगी कार्रवाई
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। खुले में बायोमेडिकल वेस्ट फेंकने वाले निजी अस्पतालों के संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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