शिकारपुर: नगर को मेरठ-बदायूं हाईवे से जोड़ने वाला मात्र 120 मीटर का सड़क का टुकड़ा वर्षों से बदहाल पड़ा है। यह मार्ग चौधरी चरण सिंह छात्रावास, मंदिर, कई नामी स्कूल, डिग्री कॉलेज, लॉ कॉलेज और तहसील जाने का मुख्य रास्ता है, जहां से रोजाना हजारों स्कूली बच्चे और आसपास के गांवों के लोग गुजरते हैं। बारिश में इसकी खस्ता हालत लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है। स्थानीय लोगों ने सांसद, विधायक, और अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
क्यों खास है यह मार्ग?
यह 120 मीटर का सड़क टुकड़ा शिकारपुर के भगत सिंह चौक से चौधरी चरण सिंह छात्रावास तक मेरठ-बदायूं हाईवे को जोड़ता है। यह रानीवाला, खखूड़ा, बरौली, सरगांव, जगदीशपुर, मीरापुर जैसे दर्जनों गांवों के लिए मुख्य आवागमन का रास्ता है। पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाली इस सड़क की जर्जर हालत के कारण स्कूली बच्चों, कॉलेज छात्रों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बरसात में यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों से भर जाता है।
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नगरवासियों का आक्रोश
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सड़क को बनवाने के लिए उन्होंने कई बार विधायक, सांसद, नगर पालिका अध्यक्ष और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से मांग की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिले। नगरवासियों का कहना है कि यह मार्ग न केवल शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों का भी केंद्र है। फिर भी, इस छोटे से टुकड़े को ठीक करने में प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है।
क्या है मांग?
नगर और आसपास के गांवों के लोगों ने एक बार फिर पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन से इस 120 मीटर के सड़क टुकड़े को तत्काल बनवाने की मांग की है। वे चाहते हैं कि इस मार्ग को पक्का कर गड्ढों से मुक्ति दिलाई जाए।
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