प्रयागराज/बुलंदशहर: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर निवासी ताहिर मेवाती की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। ताहिर पर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री और पाकिस्तान की प्रशंसा करने वाली पोस्ट डालने का आरोप है। यह फैसला न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की एकल पीठ ने सुनाया।
क्या था घटनाक्रम
बुलंदशहर के सलेमपुर थाने में ताहिर के खिलाफ इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ट्रायल कोर्ट द्वारा उनकी जमानत अर्जी खारिज होने के बाद, ताहिर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनके वकील ने दावा किया कि ताहिर के नाम से कोई अज्ञात व्यक्ति फर्जी फेसबुक आईडी चला रहा था और उन्होंने न तो प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की और न ही कोई वीडियो वायरल किया। वकील ने यह भी कहा कि ताहिर का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सत्र न्यायालय में ताहिर ने स्वीकार किया था कि उन्होंने कुछ ‘मीम्स’ अपलोड किए थे, लेकिन हाईकोर्ट में उन्होंने किसी भी पोस्ट से पूरी तरह इनकार किया।
हाईकोर्ट का निर्णय
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि ताहिर की पोस्ट न केवल प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक थीं, बल्कि सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने और लोक शांति भंग करने वाली थीं। कोर्ट ने इन्हें राष्ट्र-विरोधी विचारधारा को बढ़ावा देने वाला माना और कहा कि ऐसे कृत्यों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। इस आधार पर ताहिर की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
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