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स्मार्ट मीटर बनेगा उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत, पीक आवर्स में बढ़ेगी बिजली की दरें, कर्मचारी संघ खोलेगा मोर्चा

बुलंदशहर। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ये मीटर घरों, दुकानों, कॉम्प्लेक्स, चक्कियों और ट्यूबवेल्स में स्थापित किए जा रहे हैं। हालांकि, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष आरसी द्विवेदी का दावा है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए धोखा साबित होंगे। इनके लगने से बिजली बिल डेढ़ गुना तक बढ़ सकता है। अलग-अलग समय (आवर्स) के लिए अलग-अलग दरों पर बिल वसूला जाएगा, जिसमें पीक आवर्स में प्रति यूनिट बिजली की कीमत सबसे अधिक होगी। इसके विरोध में समिति ने 2 जुलाई को पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है।

बिजली यूनियन का क्या है रुख?
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, बुलंदशहर के अध्यक्ष आरसी द्विवेदी ने बताया कि ऊर्जा निगम पूर्वांचल और दक्षिणांचल निगमों का निजीकरण करने की योजना बना रहा है, जिसके तहत स्मार्ट मीटर लगाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने बताया कि 17 जून को विद्युत पेंशनर्स और कर्मचारियों के साथ मिलकर मुख्य अभियंता, बुलंदशहर को एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध जताया गया। द्विवेदी ने चेतावनी दी कि यदि स्मार्ट मीटर लगाए गए, तो इसका कड़ा विरोध होगा। इसके लिए 2 जुलाई को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।

पीक आवर्स का क्या है मामला?
आरसी द्विवेदी ने बताया कि वर्तमान में बिजली की प्रति यूनिट दर एक समान है। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद पीक आवर्स में प्रति यूनिट की दरें बढ़ जाएंगी। उपभोक्ताओं को आमतौर पर पीक आवर्स की जानकारी नहीं होती, जिसके चलते उनके बिजली बिल में डेढ़ गुना तक की वृद्धि हो सकती है।

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