बुलंदशहर: जम्मू-कश्मीर में चल रही श्री अमरनाथ यात्रा न केवल भगवान शिव के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। बुलंदशहर के चार मुस्लिम युवक शाहनवाज, रुस्तम, अनवर और अनवर के पुत्र सलमान—पिछले एक महीने से बालटाल बेस कैंप में शिव भक्तों की सेवा में जुटे हैं। ये युवक भंडारा शिविर में खाने-पीने का सामान लेकर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं, जिससे भाईचारे और एकता की मिसाल कायम हो रही है। शाहनवाज तीसरी बार भंडारे में सेवा कर रहे है।
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मुस्लिम कहते हैं, पहले हम भारतीय
मुस्लिम सेवादार कहते हैं, “हम पहले भारतीय हैं। इंसानियत के नाते सेवा में कोई बुराई नहीं। दिल की आवाज पर हम शिव भक्तों की खिदमत के लिए आए हैं, और यहां हमें सुकून मिलता है।” उनके साथी रुस्तम, अनवर और सलमान भी उत्साह के साथ सेवा में लगे हैं।
शिवशक्ति जनहित सेवादल के चेयरमैन अशोक शर्मा बताते हैं कि हर साल गांदरबल जिले के बालटाल और दोमेल मार्ग पर भंडारा शिविर लगाया जाता है, जिसमें विभिन्न धर्मों के सेवादार एकसाथ काम करते हैं। उन्होंने कहा, “सभी सेवादारों के साथ एकसमान व्यवहार किया जाता है। स्थानीय मुस्लिम भी पालकी, टट्टू और अन्य सुविधाएं प्रदान कर यात्रियों की मदद करते हैं, जिससे यात्रा सुगम होती है।”
बुलंदशहर से करीब 1550 श्रद्धालु हुए शामिल
इस साल बुलंदशहर से करीब 1550 श्रद्धालु यात्रा में शामिल हो चुके हैं, जबकि हर साल लगभग 5000 लोग इस तीर्थयात्रा में हिस्सा लेते हैं।
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