बुलंदशहर: बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्ती बरतते हुए बुलंदशहर की विशेष पॉक्सो अदालत ने एक पुराने मामले में आरोपी को बड़ी सजा सुनाई है। न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा तृतीय ने आरोपी दिलशाद पुत्र इकराम (निवासी मोहल्ला मदार दरवाजा, थाना खुर्जा नगर) को एक किशोरी के अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के जुर्म में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, आरोपी पर 18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
घटना वर्ष 2017 की है, जब आरोपी दिलशाद ने थाना खुर्जा नगर क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर लिया था। अपहरण के दौरान उसने पीड़िता को जान से मारने की गंभीर धमकी भी दी थी। इस वारदात ने उस समय इलाके में सनसनी फैला दी थी।
घटना की रिपोर्ट पर 14 जुलाई 2017 को थाना खुर्जा नगर में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तेजी से जांच पूरी कर 9 सितंबर 2017 को ही अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत पैरवी की। कुल 8 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजक वरुण कौशिक और सुनील शर्मा ने प्रभावी ढंग से केस लड़ा, जिसके चलते न्याय मिल सका। यह फैसला न केवल पीड़िता और उसके परिवार के लिए राहत की खबर है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी।
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