भरत गोयल
जहांगीराबाद: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(सीएचसी) में एक वृद्ध की मौत के मामले अस्पताल प्रभारी परिजनों के खिलाफ़ ही एक्शन ले सकते हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. आशीष मुदगल की स्पष्ठ रूप से परिजनों को चेतावनी भी है।
रात को क्या हुआ था?
शनिवार रात सीएचसी जहांगीराबाद में 65 वर्षीय बुजुर्ग अशोक शर्मा गांव महाराजपुर, नजदीक शिवाली के इलाज में स्वास्थ्य विभाग के स्तर से लापरवाही बरती गई। उसे काफी देर तक इलाज न मिलने पर अशोक शर्मा की तड़प तड़पकर मौत हो गई। अशोक शर्मा के साथ आए पड़ोसी कुलदीप शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम करीब 5 बजे अशोक शर्मा को सांस लेने में दिक्कत हुई। मदद के लिए सरकारी एम्बुलेंस नंबर पर कॉल की गई। एम्बुलेंस चालक से कहा गया कि उन्हें इलाज के लिए किसी और जगह की बजाय सीधे बुलंदशहर ले जाए, लेकिन एम्बुलेंस चालक उन्हें जहांगीराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आया। कुलदीप का आरोप है कि अशोक शर्मा को करीब 42 मिनट तक सीएचसी जहांगीराबाद में इलाज नहीं मिला। उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। डॉक्टर और कर्मचारी से इलाज करने को कहा तो उल्टे उन्हें ही धमकाने लगें। सांस न आने की वजह से अशोक शर्मा तड़पने लगे और उनकी मौत हो गई। मामले में अस्पताल कर्मियों द्वारा परिजनों के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया था।
जहांगीराबाद सीएचसी में मारपीट का ये वीडियो हुआ था वायरल
सीएचसी प्रभारी कह रहे, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर ही होगा मुकदमा
सीएचसी प्रभारी डॉ. आशीष मुदगल का कहना है कि परिजनों के पास यदि मारपीट के कोई सबूत है तो स्वयं पेश करें। हमारे पास सारे सबूत मौजूद हैं और जांच में अधिकारियों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। साथ ही उनका कहना है कि परिजनों ने हमारे अस्पताल की सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है तो हम उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकते हैं।
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