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जहांगीराबाद में पत्नी के साथ की बर्बरता, डिबाई में आढ़ती साले की कर दी हत्या, 20 से अधिक बार जेल गया.. 34 मुकदमे दर्ज.. बलराम ठाकुर ने ऐसे खड़ा किया जरायम की दुनिया का साम्राज्य

गाजियाबाद/बुलंदशहर: जहांगीराबाद के रोगनग्राम का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बलराम ठाकुर पुत्र श्याम सिंह बीती रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह मुठभेड़ डासना रघुनाथपुर रोड पर पेरिफेरल अंडरपास के पास हुई, जहां पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ग्रे रंग की बलेनो कार में बदमाश मौजूद है। मुठभेड़ के दौरान बलराम ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण कई पुलिसकर्मी बच गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने बलराम को ढेर कर दिया।

इस घटना की मूल खबर यहां पढ़े: गाजियाबाद में पुलिस का बड़ा एक्शन: कुख्यात अपराधी बलराम ठाकुर मुठभेड़ में ढेर.. बुलंदशहर के लिए भी बना था अपराध का पर्याय

1997 से शुरू हुआ अपराध का सिलसिला
बलराम ठाकुर का अपराधी जीवन 1997 में तब सुर्खियों में आया, जब उसने अपनी पत्नी के नाजुक अंगों के साथ बर्बरता की। डिबाई निवासी ससुराल वालों ने इसका विरोध किया तो बलराम ने उन पर गोली चला दी। ससुराल वाले अपनी बहन को अपने साथ ले गए, जिसके बाद बलराम ने जमानत पर छूटने पर डिबाई मंडी में जाकर अपने साले की हत्या कर दी। इस हत्याकांड में बलराम का नाबालिग भाई नीरज ठाकुर भी शामिल था। 2011 में दोनों भाइयों को सजा सुनाई गई। नीरज को पैरोल पर रिहा किया गया, जबकि बलराम ने 2013 तक जेल में सजा काटी।

जेल से चलाता था गैंग
सजा पूरी होने के बाद बलराम कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना के संपर्क में आया और जेल में रहते हुए भी गैंग चलाने लगा। जहांगीराबाद थाने में उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और षड्यंत्र जैसे गंभीर अपराधों में 19 मुकदमे दर्ज थे। अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ कुल 34 मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। 1997 से 2025 तक वह 20 से अधिक बार जेल जा चुका था।

पांच महीने पहले अलीगढ़ से रिहा, फिर शुरू की रंगदारी
पांच महीने पहले अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र से रंगदारी के मामले में रिहा होने के बाद बलराम गौतमबुद्धनगर में रहने लगा और फिर से रंगदारी मांगने लगा। 17 सितंबर की रात उसने मदन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट के मालिक ब्रह्मपाल यादव से 50 लाख रुपये और तीन मिनट बाद लोहा कारोबारी अभिषेक गोयल से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।

पुलिस मुठभेड़ में अंत
रंगदारी की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डासना रघुनाथपुर रोड पर बलराम को घेर लिया। मुठभेड़ में बलराम मारा गया। पुलिस ने मौके से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। इस घटना ने जहांगीराबाद(बुलंदशहर) और आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैलाने वाले बलराम ठाकुर के अपराधी साम्राज्य का अंत कर दिया।

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