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बुलंदशहर में शिक्षक के साथ बैंक कर्मियों ने की धोखाधड़ी, 7.50 लाख रुपये हड़पे

बुलंदशहर: जिला सहकारी बैंक की औरंगाबाद-लखावटी शाखा में एक सरकारी शिक्षक के साथ 7.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दो बैंक कर्मी अमीन सूरजपाल और कैशियर दीपक सूरी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक प्रबंधन ने दोनों आरोपियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर के प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार ने वर्ष 2014 में जिला सहकारी बैंक की औरंगाबाद-लखावटी शाखा से 4 लाख रुपये का लोन लिया था। ब्याज सहित यह राशि बढ़कर 7.50 लाख रुपये हो गई। दिनेश के अनुसार, बैंक के अमीन सूरजपाल ने उन्हें फोन कर यह राशि जमा करने को कहा। इसके बाद, 30 अक्टूबर 2024 को दिनेश ने जिला सहकारी बैंक की मोतीबाग शाखा में अमीन सूरजपाल से मुलाकात की और पूरी राशि जमा कर दी। कैशियर दीपक सूरी ने उन्हें रसीद भी सौंपी।
हालांकि, कुछ दिनों बाद जब दिनेश ने अपने वेतन खाते से पैसे निकालने की कोशिश की, तो उन्हें पता चला कि उनका खाता नंबर-22081 बंद कर दिया गया है। बैंक में पूछताछ करने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उनके द्वारा जमा की गई 7.50 लाख रुपये की राशि खाते में जमा ही नहीं हुई। दिनेश ने जब जमा की गई रसीद दिखाई तो सूरजपाल और दीपक ने टालमटोल शुरू कर दी और दावा किया कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता।

पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों बैंक कर्मियों ने फर्जी रसीद और बैंक की नकली मोहर का इस्तेमाल कर शिक्षक के साथ धोखाधड़ी की। जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अब जमा राशि से संबंधित कोई दस्तावेज पेश करने को तैयार नहीं हैं। कोतवाली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 467 (जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया है।

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