बुलंदशहर: जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली दूध बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल का जखीरा बरामद किया है। गांव मौसमगढ़ में एक अहाते में चल रहे इस अवैध धंधे की सूचना पर छापेमारी के दौरान 150 कैन में भरे 2000 लीटर से अधिक केमिकल जब्त किया। इस कार्रवाई से दूध माफियाओं में हड़कंप मच गया है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के केमिकल से बना दूध आम आदमी के स्वास्थ्य के लिए किसी जहर से कम नहीं होता है। सोर्बिटोल का प्रयोग आमतौर पर दवा के रूप में होता है। लेकिन इस तरह से दूध बनाने में प्रयोग करने पर यह लिवर, किडनी, ह्रदय, ब्रेन समेत शरीर के सभी अंगों को नुकसान पहुंचाता है।
पकड़ा गया केमिकल का जखीरा, वीडियो
छापेमारी में खुला काले धंधे का राज
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को लंबे समय से नकली दूध बनाने की शिकायतें मिल रही थीं। खुफिया सूचना के आधार पर सहायक खाद्य आयुक्त विनीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने मौसमगढ़ गांव में एक अहाते पर छापा मारा। वहां पाया गया कि दूध माफियाओं को सप्लाई के लिए भारी मात्रा में केमिकल का भंडारण किया जा रहा था। इस अहाते में सफेद दूध का काला कारोबार जोरों पर चल रहा था।
2000 लीटर से अधिक केमिकल बरामद
छापेमारी के दौरान 150 कैन में भरा 2000 लीटर से अधिक केमिकल बरामद किया गया।
सहायक आयुक्त का बयान सुनिए, वीडियो
सहायक खाद्य आयुक्त विनीत कुमार ने बताया कि इन केमिकल्स में नकली दूध बनाने के लिए सोर्बिटोल और आरएम तेल जैसे पदार्थों का उपयोग किया जाता है। ये केमिकल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं और इनका इस्तेमाल कर बनाया गया नकली दूध बाजार में बेचा जाता है। विभाग ने इस तरह की गतिविधियों का कई बार भंडाफोड़ किया है।
सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे
अधिकारियों ने भरे सैंपल, वीडियो
टीम ने बरामद केमिकल के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। साथ ही, इस कारोबार से जुड़े बिलों की जांच के लिए वाणिज्य कर विभाग को भी सूचित किया गया है। सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया कि मामले में कार्रवाई जारी है।
ये खबर भी पढ़े: ड्रोन उड़ाने के शक में युवक को पीटा, पुलिस जांच में युवक मंदबुद्धि निकला.. हापुड़ के आश्रम भेजा जा रहा