बुलंदशहर: जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) श्रुति ने आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा कदम उठाया है। बुधवार को हुई समीक्षा में गंभीर खामियां सामने आने के बाद डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय सहित 21 अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया। साथ ही सभी दोषी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम द्वारा की गई समीक्षा में पाया गया कि कई अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हो पा रहा।
वेतन रोके गए अधिकारियों में जिला स्तर पर बीएसए, सहायक श्रम आयुक्त और बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी शामिल हैं। ब्लॉक स्तर पर स्याना, जहांगीराबाद, सिकंदराबाद, पहासू और डिबाई के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को भी इस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा, स्थानीय निकाय के अंतर्गत जहांगीराबाद, शिकारपुर, सिकंदराबाद और खुर्जा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों का वेतन रोका गया है। तहसील स्तर पर सदर, डिबाई, अनूपशहर और स्याना के तहसीलदार भी इस सूची में शामिल हैं।डीएम श्रुति ने सभी अधिकारियों को लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ये भी पढ़े:बुलंदशहर: अवैध मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार की दवाएं जब्त
ये भी पढ़े:बुलंदशहर में ट्यूबवेल परिसर में झाड़ियों में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव