बुलंदशहर: साइबर क्राइम पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनीष कुमार (बिहार के बेतिया) और सचिन कुमार (आगरा) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को महाराणा प्रताप तिराहा के पास से गिरफ्तार किया।
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मामले का किया खुलासा
यह मामला 17 जुलाई 2025 का है, जब पीड़िता आयुषी सिन्हा ने बैंक में नौकरी के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया था। इसके बाद उन्हें एक फर्जी कॉल आया, जिसमें आरोपियों ने ICICI बैंक में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे अलग-अलग खातों में 2,16,800 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
छानबीन के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लैपटॉप, 1 प्रिंटर, 12 कीपैड मोबाइल फोन, 2 स्मार्टफोन और 12 एक्टिव सिम कार्ड बरामद किए। पूछताछ में पता चला कि मनीष और सचिन अपने दो अन्य साथियों, बहाव आलम और इशुफ खान, के साथ मिलकर एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यह गिरोह ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स से बेरोजगार युवाओं का डेटा खरीदता था और फिर उन्हें नौकरी का झांसा देकर ठगी करता था।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में साइबर थाना बुलंदशहर में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य दो फरार साथियों की तलाश जारी है।पुलिस की अपील
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नौकरी के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल्स और लिंक्स से सावधान रहें। किसी भी अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें।
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