बुलंदशहर: पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत थाना स्याना पुलिस और मॉनीटरिंग सेल ने प्रभावी पैरवी कर अपहरण के मामले में दो आरोपियों को सजा दिलवाई। अभियुक्त अजीत पुत्र राजेंद्र (निवासी ग्राम पतला, थाना मोदीनगर, गाजियाबाद) को 8 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा, जबकि सोनू उर्फ मोहित पुत्र हरिओम (निवासी ग्राम भडकाऊ, थाना नरसेना, बुलंदशहर) को 6 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
वर्ष 2012 में दोनों अभियुक्तों ने स्याना क्षेत्र में एक व्यक्ति के पुत्र का अपहरण किया था। 21 जुलाई 2012 को थाना स्याना में मुकदमा संख्या 202/12 (धारा 364 भादवि) दर्ज हुआ था। पुलिस ने 17 जून 2013 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मॉनीटरिंग सेल बुलंदशहर ने “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत मामले की पैरवी की। इसमें 5 गवाहों की गवाही कराई गई। 28 जून 2025 को न्यायाधीश शिवानंद (एडीजे/एफटीसी-03, बुलंदशहर) ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले अभियोजक ध्रुव कुमार वर्मा, मॉनीटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह, पैरोकार कांस्टेबल वासु और कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल अजीत के योगदान को सराहा गया।
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