बुलंदशहर: कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के गांव फतहपुर निवासी सुखदेव ने आरोप लगाया है कि मेडिकोलीगल एक्स-रे में चोट दिखाने के लिए अस्पताल कर्मचारियों ने उनसे 25 हजार रुपये की मांग की। राशि न देने पर पहली एक्स-रे रिपोर्ट में चोट नहीं दिखाई गई, जबकि बाद में दोबारा जांच में उनके पैर और तीन पसलियों में चोट की पुष्टि हुई।
क्या था घटनाक्रम?
27 जुलाई को सुखदेव पर गांव के ही सुधीर, लटूरी, अमरजीत और अजीत ने कथित तौर पर हमला किया था। सुखदेव की पत्नी नीरेश की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ अनूपशहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। हमले के बाद सुखदेव को प्राथमिक उपचार के लिए अनूपशहर सीएचसी ले जाया गया, जहां से उन्हें एक्स-रे के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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अस्पताल में टरकाया, मांगे गए पैसे
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुखदेव के अधिवक्ता अंशुमन के अनुसार, जिला अस्पताल के एक्स-रे रूम में टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने सुखदेव को बार-बार टरकाया। एक डॉक्टर ने मेडिकोलीगल एक्स-रे में चोट दिखाने के लिए 25 हजार रुपये की मांग की। आर्थिक तंगी के कारण सुखदेव यह राशि नहीं दे सके। इसके बाद उनका एक्स-रे तो किया गया, लेकिन रिपोर्ट में कोई चोट नहीं दिखाई गई।
निजी जांच में खुलासा, सीएमओ के हस्तक्षेप से पुष्टि
कई दिन अस्पताल के चक्कर काटने के बाद सुखदेव ने एक निजी रेडियोलॉजिस्ट से जांच कराई, जिसमें उनके सीधे पैर और तीन पसलियों में चोट की पुष्टि हुई। इस रिपोर्ट के साथ अधिवक्ता अंशुमन, सुखदेव और नीरेश ने सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में शिकायत दर्ज की। सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे के निर्देश पर दोबारा एक्स-रे कराया गया, जिसमें चोट की पुष्टि हुई। यह रिपोर्ट अब पुलिस को भेजी जाएगी।
जांच के लिए कमेटी गठित
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एक कमेटी गठित करने की बात कही है। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन वे इसकी जांच करेंगे।