शिकारपुर: छतारी थाना क्षेत्र के गांव चौढेरा में भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। यह मकान गांव के निवासी इंद्रजीत सिंह का था। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गनीमत रही कि हादसे के समय इंद्रजीत और उनके परिवार का कोई सदस्य घर में मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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हादसे का विवरण
जानकारी के अनुसार, इंद्रजीत सिंह, पुत्र सीताराम सिंह, का मिट्टी से बना कच्चा मकान शुक्रवार दोपहर अचानक ढह गया। उस समय इंद्रजीत पास के गांव दानगढ में अलीगढ़-अनूपशहर नेशनल हाईवे पर स्थित एक कोल्ड स्टोर में मजदूरी करने गए थे। उनकी पत्नी अपने चार बच्चों दो बेटियों और दो बेटों के साथ खेतों में काम करने गई थी। इंद्रजीत की बुजुर्ग मां भी घर पर नहीं थीं। हादसे की सूचना मिलते ही गांव के लोग मौके पर जमा हो गए और पीड़ित परिवार को सूचित किया।
मकान गिरने से भारी नुकसान
इंद्रजीत ने बताया कि मकान के ढहने से घर में रखा सारा जरूरी सामान—बर्तन, कपड़े और अन्य सामग्री—मलबे में दबकर नष्ट हो गया। कच्चा मकान होने के कारण बारिश की मार वह सहन नहीं कर सका। गरीबी में जीवनयापन करने वाले इंद्रजीत के लिए यह हादसा बड़ी मुसीबत बनकर आया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल आर्थिक मदद और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनवाने की मांग की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में लटका मामला
इंद्रजीत ने बताया कि उन्होंने पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सका। इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव के.पी. सिंह ने बताया कि इंद्रजीत का मकान योजना के तहत चयनित है। उन्होंने कहा, “शासन से धनराशि प्राप्त होते ही इंद्रजीत को मकान के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।”
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