बुलंदशहर: पुलिस ने “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत सफलता हासिल की है। वर्ष 2013 में गौवध और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने वाले चार अभियुक्तों साबू पुत्र बाबू खाँ, मुंशी पुत्र मटरू (निवासी चिडावक, थाना गुलावठी), कल्लू पुत्र करार, और विलाल पुत्र गुलाब (निवासी मौहल्ला पीर खाँ, थाना गुलावठी) को माननीय न्यायालय ने 7-7 वर्ष के कारावास और 13,000-13,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वर्ष 2013 में अभियुक्तों ने गौवध कर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। इस मामले में थाना गुलावठी में 31 अक्टूबर 2013 को मुकदमा संख्या 293/2013, धारा 147/148/149/309 भादवि और 3/5/8 गौवध निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने 20 अगस्त 2014 को माननीय न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर “ऑपरेशन कन्विक्शन ” के तहत इस मामले को चिन्हित कर बुलंदशहर पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन के दौरान 5 गवाहों की गवाही के आधार पर माननीय न्यायाधीश वरुण मोहित निगम (एडीजे-03, बुलंदशहर) ने 07 अगस्त 2025 को चारों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।अभियोजक विजय कुमार शर्मा, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह, पैरोकार हेड कांस्टेबल शांतनु, और कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल सुरजीत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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