Khabar Bulandshahr

पावर कॉरपोरेशन में तनाव: 84 जेई को कारण बताओ नोटिस, संगठन में आक्रोश

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में जूनियर इंजीनियर्स (जेई) और विभागीय अधिकारियों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। वेतन रोकने के विरोध में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के बैनर तले जेई ने पिछले छह दिनों से अपने सीयूजी (क्लोज्ड यूजर ग्रुप) नंबर बंद कर दिए हैं और इन्हें डिवीजन कार्यालय में जमा करा दिया है। इसके साथ ही जेई ने बिजली कटौती, लाइन फॉल्ट, ब्रेकडाउन, नए कनेक्शन और 1912 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण भी बंद कर दिया है। इससे उपभोक्ताओं को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ये खबर भी पढ़कर देखें: चीफ इंजीनियर- जेई संघ में बढ़ी रार, अब वेतन रोकने पर कर्मचारी संघर्ष समिति का पलटवार, बिजली जेई संघ अध्यक्ष ने चीफ अभियंता को लिखा पत्र, मन में पछतावा न रहे, मुझे जल्द जेल भेजें

चीफ इंजीनियर का सख्त रुख, 84 जेई को नोटिस
विभागीय कार्यों में बाधा और विरोध प्रदर्शन के चलते चीफ इंजीनियर संजीव कुमार ने 84 जूनियर इंजीनियर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में सात दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। चीफ इंजीनियर ने कहा, “सीयूजी नंबर बंद करने से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। स्पष्टीकरण न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जेई संगठन में रोष, आंदोलन की तैयारी
नोटिस के बाद जूनियर इंजीनियर संगठन में आक्रोश और बढ़ गया है। संगठन के सचिव पवन कुमार ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय दबाव बनाने के लिए नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा, “पिछले दो महीनों से जेई और टीजी-टू को वेतन नहीं मिला है, जिससे आर्थिक संकट पैदा हो गया है। अधिकारी वार्ता को तैयार नहीं हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, विरोध जारी रहेगा।” संगठन नोटिस का जवाब देने के साथ-साथ आंदोलन तेज करने की तैयारी में है।

उपभोक्ताओं की बढ़ी मुश्किलें
जेई के कार्य बहिष्कार से बिजली उपभोक्ताओं को भारी असुविधा हो रही है। बिजली कटौती, लाइन फॉल्ट, और शिकायतों के निस्तारण में देरी के कारण लोग परेशान हैं। कंट्रोल रूम और 1912 हेल्पलाइन भी प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही है।

ये खबर भी पढ़े:गाड़ी हटाने के विवाद में युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर

ये खबर भी पढ़े:बुलंदशहर में नकली दूध बनाने के काले कारोबार का भंडाफोड़, 2000 लीटर से अधिक केमिकल बरामद.. विशेषज्ञों का कहना, केमिकल से बना दूध जहर से कम नहीं

हमारी खबरों को साझा करें

अन्य खबरें यहां पढे़