बुलंदशहर। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती और मानसून की देरी से किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है, क्योंकि बिजली की अनियमित आपूर्ति के चलते सिंचाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली केवल 6 से 8 घंटे ही उपलब्ध हो रही है। इससे किसानों की फसल को भारी नुकसान हो रहा है।

किसानों का कहना है कि उन्होंने बिजली विभाग में बार-बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इस बीच, मानसून की देरी ने उनकी चिंता को और बढ़ा दिया है। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष अरब सिंह ने आरोप लगाया कि लगातार बिजली कटौती से धान की फसल की सिंचाई संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि मानसून के देर से आने की संभावना से किसानों को और नुकसान हो सकता है, जबकि समय पर बारिश से फसल को काफी लाभ होता। किसान प्रशासन से तत्काल राहत और स्थाई समाधान की मांग कर रहे हैं।
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