खुर्जा: परम डेयरी विवाद निपटारे के लिए बुलंदशहर आए उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने परम डेयरी के हक में निर्णय दिया है। उन्होंने कहा कि सारे आदेश डेयरी के स्थापित होने के बाद के हैं। ये उसपर लागू नहीं हो सकते। परम डेयरी जिस 16 हेक्टेयर में स्थापित है। वो वहीं रहेगी, उसे ग्रीन बेल्ट घोषित नहीं किया जा सकता। बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण को अपना निर्णय बदलना होगा। परम डेयरी अपनी जगह सही है।
क्या हुआ था?
मुख्य सचिव ने बताया कि कंपनी पहले दिल्ली में स्थापित थी। 1995 में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने आदेश जारी किया कि प्रदूषण उद्योगों को दिल्ली के बाहर किया जाए। इसी आदेश के बाद बुलंदशहर में 16 हेक्टेयर में कंपनी स्थापित की गई। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने कहा कि ये इंडस्ट्रियल यूज में रहेंगी। परम डेयरी की 16 हेक्टेयर जमीन को इंडस्ट्री के रूप में मार्क किया गया। ये भी निर्देश दिया कि बुलंदशहर विकास प्राधिकरण/बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण इस 16 हेक्टेयर इंडस्ट्री को अपने मास्टर प्लान में इंडस्ट्री के रूप में जोड़ लें।
फेल होता रहा प्राधिकरण
मुख्य सचिव ने कहा कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के साफ निर्देश हैं कि यदि प्राधिकरण के मास्टर प्लान में कहीं 16 हेक्टेयर इंडस्ट्रियल एरिया बढ़ा रहा है तो प्राधिकरण उसे निकाल दे। लेकिन परम डेयरी के 16 हेक्टेयर को ऐसे ही रहने दें। इसके बाद भी खुर्जा विकास प्राधिकरण ने ऐसा नहीं किया। परम डेयरी की इंडस्ट्री 1997-98 में पास हुआ। इसके अलावा 2013 तक भी नक्शा पास हो चुका है।
हाईवे से 60 मीटर पर ग्रीन बेल्ट घोषित
मुख्य सचिव ने कहा कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड व अन्य अफसरों ने बताया कि नई योजना के तहत हाईवे से 60 मीटर पर ग्रीन बेल्ट घोषित कर दिया गया है। लेकिन किसी जगह को ग्रीन बेल्ट घोषित करना या न करना, ये सारी बातें 1997-1998 के बाद की हैं। ये सब परम डेयरी पर लागू नहीं होंगी।
परम डेयरी अपनी जगह सही
यदि बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण का मास्टर प्लान का कुल इंडस्ट्रियल एरिया बढ़ रहा है तो उसे कहीं और 16 हेक्टेयर कम कर दें। यह साफ निर्देश प्राधिकरण को मिले थे। लेकिन इसके बाद भी बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण ने ऐसा नहीं किया। 16 हेक्टेयर में मौजूद जमीन इंडस्ट्री एरिया की है। किसी भी संस्था को दाएं बाएं ग्रीन बेल्ट घोषित करना है तो कर सकते हैं।ये इंडस्ट्री अपनी जगह सही बनी है तो चलती रहेगी। इसमें किसी को भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
100 हेक्टेयर यूपीसीडा को किया जा सकता है ट्रांसफर
मुख्यसचिव ने कहा कि 16 हेक्टेयर के अलावा परम डेयरी के आसपास 100 हेक्टेयर की जमीन और है। उसे यूपीसीडा के अधीन कर ट्रांसफर किया जा सकता है। वो इसे इंडस्ट्री के रूप में चलाएंगे। लेकिन 16 हेक्टेयर को ग्रीन बेल्ट के रूप में नहीं माना जाएगा।
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