बुलंदशहर: खुर्जा के मुनि नगलिया गांव में सरकारी जमीन पर बिना अनुमति भगवान बुद्ध की मूर्ति स्थापित करने के विवाद पर पुलिस- प्रशासन गांव में छावनी बना कर डट गया है। मामले में लेखपाल शैलेंद्र कुमार की शिकायत पर अरनिया थाना पुलिस ने 8 नामजद व्यक्तियों—धर्मेंद्र उर्फ मूला, गिरधारी, आकाश, विपिन, सोनू, लक्ष्मी, कमलेश, पायल—सहित 45-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
गांव में पुलिसबल, वीडियो
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार रात को मुनि नगलिया गांव में कुछ लोगों ने ग्राम समाज की सरकारी जमीन पर बिना किसी अनुमति के भगवान बुद्ध की मूर्ति स्थापित कर दी। मूर्ति को ईंटों की दीवार बनाकर छिपाने का प्रयास भी किया गया। ग्रामीणों की सूचना पर बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कई घंटों तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे और ग्रामीणों के साथ तीखी नोकझोंक के बाद प्रशासन ने ड्रोन कैमरे की निगरानी में मूर्ति को हटवा दिया।
गांव का वीडियो
हालात संभालते पुलिस अधिकारी, वीडियो
लेखपाल शैलेंद्र कुमार ने अपनी तहरीर में बताया कि उनके हल्के में मुनि और मुनि नगलिया गांव आते हैं। उन्हें बुधवार को सूचना मिली कि बिना अनुमति सरकारी जमीन पर मूर्ति लगाई गई है। आरोपियों ने रास्ते में लकड़ी और ईंटें डालकर आने-जाने का मार्ग अवरुद्ध कर दिया था। जब पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मूर्ति हटाने पहुंची, तो उनसे धक्का-मुक्की की गई और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। इस घटना से गांव में भय और तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
लेखपाल की शिकायत के आधार पर अरनिया थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, अभद्र व्यवहार और शांति भंग करने जैसे आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी बल के साथ-साथ राजस्व विभाग के अधिकारी तैनात किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से भी क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
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