भारत गोयल
जहांगीराबाद: भईपुर दोराहे स्थित नवदुर्गा नर्सिंग होम में गर्भवती वर्षा (पत्नी नीरज, निवासी गुचावली) की प्रसव के दौरान मौत होने पर परिजनों ने हंगामा काटा। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि वर्षा का सही इलाज होता तो वह जिंदा होती।
पीड़ित पक्ष के आरोप सुनिए, वीडियो
परिजनों के अनुसार वर्षा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने गांव की आशा कार्यकर्त्री सीमा से संपर्क किया, जिन्होंने वर्षा को भईपुर दोराहे के पास स्थित नवदुर्गा नर्सिंग होम ले जाने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि सीमा स्वयं वर्षा को लेकर अस्पताल गई। वहां देर रात एक पुरुष डॉक्टर गाड़ी से आया था। उसने वर्षा का ऑपरेशन किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने गलत ऑपरेशन किया, जिससे वर्षा की तबीयत बिगड़ गई। शुक्रवार सुबह 8 बजे वर्षा की हालत गंभीर हो गई और वह अकड़ने लगी। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ से मदद मांगी, लेकिन स्टाफ ने तुरंत वर्षा को बुलंदशहर रेफर कर दिया। रास्ते में ही वर्षा ने दम तोड़ दिया। गुस्साए परिजन वर्षा का शव लेकर वापस नवदुर्गा नर्सिंग होम पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की खबर मिलते ही अस्पताल का स्टाफ मौके से फरार हो गया।
सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को नियंत्रित किया। वर्षा के पति नीरज ने बताया कि 6 साल बाद उनकी पत्नी को पहला बच्चा होने वाला था, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही ने उसकी जिंदगी छीन ली। उन्होंने आशा कार्यकर्त्री सीमा और दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
सीएचसी प्रभारी, कोतवाली प्रभारी के बयान पढ़िए
सीएचसी प्रभारी डॉ विपिन कुमार से वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि सुबह को इस मामले की जांच की जाएगी। साथ ही अस्पताल के दस्तावेजों की भी जांच पड़ताल की जाएगी।
कार्यवाहक इंस्पेक्टर गंगा प्रसाद का कहना कि तहरीर मिलने पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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