बुलंदशहर: पुलिस ने एक सप्ताह में दो महिलाओं के साथ हुई टप्पेबाजी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपित के कब्जे से कुंडल, नकदी, तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं, जबकि उसका साथी फरार है। इसके अलावा, नौकरी के नाम पर ठगी का एक अन्य मामला सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
टप्पेबाजी की वारदातों पर पुलिस की सख्ती
सिकंदराबाद के सीओ भास्कर मिश्रा ने थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि गुलावठी कस्बे में 23 अगस्त को सैदपुर रोड और 28 अगस्त को धौलाना अड्डा पर दो महिलाओं को झांसे में लेकर उनके कानों की बाली और नकदी की चोरी की गई थी। इन घटनाओं में शामिल दो व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से ठगों की पहचान की।सिकंदराबाद रोड पर भमरा मोड़ से पुलिस ने अय्यूब पुत्र अब्दुल हमीद (निवासी ईदगाह के पास, मुहल्ला घोसीपुरा, थाना लोहियानगर, मेरठ) को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक जोड़ी कुंडल, 1,000 रुपये नकद, 315 बोर तमंचा, और एक कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में अय्यूब ने अपने साथी फरीद (निवासी विलासपुर, थाना दनकौर, गौतमबुद्धनगर) के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल की। फरीद अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
सीओ भास्कर मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपित भोली-भाली महिलाओं को निशाना बनाकर उनके कुंडल, नकदी और अन्य कीमती सामान चुराते थे। अय्यूब के खिलाफ अलीगढ़, गाजियाबाद, हापुड़, और गौतमबुद्धनगर के थानों में आठ मुकदमे दर्ज हैं। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है
नौकरी के नाम पर ठगी का मामला
उधर, पहासू क्षेत्र में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। कस्बे के मुहल्ला बोहरान निवासी प्रेमपाल पुत्र बहोरीलाल ने थाने में शिकायत दर्ज की कि उनके बेरोजगार बेटे राजकुमार (12वीं पास और डिप्लोमा धारक) को अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने उनसे 3 लाख रुपये की मांग की। प्रेमपाल ने 80,000 रुपये नकद और 69,500 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए, लेकिन न तो नौकरी लगी और न ही रुपये वापस किए गए। थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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