बुलंदशहर: भारतीय किसान यूनियन(टिकैत) के बैनर तले सैकड़ों किसान अपनी मांग मनवाने को लेकर ट्रैक्टरों को लेकर ही कलेक्ट्रेट में घुस गए। कलेक्ट्रेट में डीएम आफिस के सामने ही अपना डेरा डाल लिया। साफ कहा कि जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तबतक वो हिलने वाले नहीं हैं। किसान नेताओं का दावा है कि 500 से अधिक ट्रैक्टर और हजारों की संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं।
काला-आम पर हर तरफ दिखा ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर
किसान नेताओं का दावा है कि किसानों की मांगों को सफल बनाने के लिए जिले के कोने कोने से ट्रैक्टर पहुंचा है। आलम यह रहा है कि बुधवार दोपहर बाद कालाआम चौराहे के आसपास सड़कों पर ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर और सिर पर हरी टोपी पहने किसान ही दिखे।
कलेक्ट्रेट में डीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे
बुधवार को सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ हजारों किसान कलेक्ट्रेट पहुंच गए। कलेक्ट्रेट का मुख्य द्वार खुलवाने के बाद किसान अंदर पहुंचे। किसान बाद में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
वीडियो देखते जाईये
कालाआम पर ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर, वीडियो
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कलेक्ट्रेट के गेट पर अड़े किसान, वीडियो
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कलेक्ट्रेट में ट्रैक्टर लेकर घुसते किसान, वीडियो
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भाकियू(टिकैत) जिला अध्यक्ष अरब सिंह का बयान,वीडियो
किसानों ने ये मांग उठाई
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैत के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में किसानों ने चकबंदी, गन्ना बकाया, आवारा पशुओं और बंदरों की समस्या जैसी मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। किसान नेता 7 से 8 मांगे पूरी करवाने को लेकर अड़े है।
ट्रैक्टर मार्च से गूंजा कलेक्ट्रेट परिसर
सुबह से ही बुलंदशहर के विभिन्न इलाकों से किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर गए। ट्रैक्टरों की कतारों से सरकारी मशीनरी भी हांफ गई। किसानों ने अपनी मांगों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की और स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं होता, वे हटने वाले नहीं हैं।
किसान नेता ने क्या कहा?
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष अरब सिंह ने बताया कि किसान 7 से 8 प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें चकबंदी की प्रक्रिया को तेज करने, गन्ना बकाया भुगतान, आवारा पशुओं और बंदरों से फसलों को हो रहे नुकसान की रोकथाम शामिल हैं। अरब सिंह ने चेतावनी दी कि अगर मांगों का तत्काल समाधान नहीं किया गया, तो किसान कलेक्ट्रेट में ही डेरा डाल देंगे।
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