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बुलंदशहर जिला अस्पताल में एक दिन में छह लोगों को लगी एआरवी…कुत्ते, बंदर, नेवला और गीदड़ ने किया हमला

बुलंदशहर: जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में शनिवार को छह लोगों ने एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाई। इनमें कुत्ते और बंदर के काटने के दो-दो मामले, जबकि नेवला और गीदड़ के काटने का एक-एक मामला शामिल रहा। सभी पीड़ितों को इमरजेंसी में एआरवी लगाने के बाद घर भेज दिया गया।

राधानगर की 48 वर्षीय मनीषा ने बताया कि शनिवार सुबह वह घर की छत पर रेलिंग के सहारे खड़ी थीं, तभी एक बंदर ने उन पर हमला कर उनकी बांह पर काट लिया। वह तुरंत जिला चिकित्सालय पहुंचीं, लेकिन ओपीडी बंद होने के कारण इमरजेंसी में इलाज करवाया। मऊखेड़ा की 20 वर्षीय फराना भी बंदर के हमले का शिकार हुईं और उन्हें भी इमरजेंसी में एआरवी लगवानी पड़ी।वहीं, घुंघरावली की सुमनलता ने बताया कि उनके पालतू कुत्ते ने उनकी ढाई वर्षीय बेटी हिमांशी को काट लिया। वह तुरंत बच्ची को लेकर इमरजेंसी पहुंचीं, जहां उसे एआरवी दी गई। इसी तरह, अंबा कॉलोनी की 23 वर्षीय दृष्टि को भी कुत्ते ने काटा, जिसके बाद उन्होंने इमरजेंसी में वैक्सीन लगवाई।गांव चावली की 43 वर्षीय छोटी को खेत में काम करते समय नेवले ने काट लिया। दूसरी ओर, स्याना के 17 वर्षीय नदीम पर खेत में चारा काटते वक्त गीदड़ ने हमला कर दिया। नदीम ने बताया कि गीदड़ ने अचानक उनके दोनों पैरों पर काटा, जिसके बाद वह जिला चिकित्सालय पहुंचे और एआरवी लगवाई।जिला चिकित्सालय के

सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी में भी एआरवी उपलब्ध है। शनिवार दोपहर तक इमरजेंसी में छह लोगों को वैक्सीन लगाई गई। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और जानवरों के काटने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लेने की सलाह दी।

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