अनूपशहर: गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और निवासियों में चिंता बढ़ गई है। बिजनौर बैराज से सुबह 1.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद अनूपशहर में गंगा पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गंगा घाट, मस्तराम घाट भी पानी में डूब चुका है। महिलाओं के लिए बने चेंजिंग रूम में करीब एक फुट पानी भर गया है। बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ में भारी कमी देखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका परिषद अनूपशहर ने लोगों को गंगा घाटों पर न जाने और गहरे पानी में स्नान से बचने की सलाह दी है।

अनूपशहर तहसील के खादर क्षेत्र के लगभग आठ गांवों की फसलें पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने खादर क्षेत्र के ग्रामीणों और पशुपालकों से खेतों और नदी किनारे न जाने की अपील की है।
प्रशासन का अलर्ट मोड और सुरक्षा इंतजाम
एसडीएम अनूपशहर प्रियंका गोयल ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गंगा घाटों पर नाविकों और गोताखोरों को तैनात किया गया है, और स्थिति पर हर पल नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सिंचाई विभाग की नजर
सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर उमेश कुमार ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि बुलंदशहर जिले में अभी स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है। सिंचाई विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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