अनूपशहर: औद्योगिक विकास की नई लहर दस्तक देने वाली है। अनूपशहर और जेवर के विधायकों ने मिलकर ऐसा ही प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा है। हरियाणा टेक्सटाइल एसोसिएशन ने अनूपशहर में अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की इच्छा जताई है, जिसके तहत करीब 2000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश प्रस्तावित है। इस मेगा प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 40,000 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
शुरू होगी बंद पड़ी सूती मिल
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का केंद्र बिंदु अनूपशहर की सहकारी नगर में स्थित वह बंद पड़ी सूती मिल है, जिसे अब उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के अधीन लिया गया है। इस मिल की बेकार पड़ी भूमि का पुनः उपयोग कर इसे औद्योगिक गतिविधियों का हब बनाया जाएगा। यह कदम न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को भी नया जीवन देगा।
ये खबर भी पढ़कर देखें: अनूपशहर में ”विकास की औद्योगिक क्रांति”: हरियाणा टेक्सटाइल का 2000 करोड़ का निवेश, 40,000 रोजगार के अवसर
विधायकों की पहल, मुख्यमंत्री का समर्थन
इस परियोजना की नींव दो साल पहले तब रखी गई, जब जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने हरियाणा टेक्सटाइल के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया था। इसके बाद, धीरेंद्र सिंह और अनूपशहर विधायक संजय शर्मा ने हरियाणा टेक्सटाइल को अनूपशहर में निवेश के लिए प्रेरित किया। दोनों विधायकों की अथक मेहनत और दूरदर्शिता से यह प्रस्ताव अब मूर्त रूप ले रहा है।
अनूपशहर विधायक संजय शर्मा ने कहा, “यह परियोजना न केवल बंद पड़ी सूती मिल को नया जीवन देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के सुनहरे अवसर भी प्रदान करेगी। यह अनूपशहर के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।”
मुख्यमंत्री के निर्देश: त्वरित कार्रवाई हो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
ये खबर भी पढ़े:स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में अनूपशहर नगर पालिका ने मारी बाजी, डिबाई सबसे पीछे
ये खबर भी पढ़े: मक्का खरीद में कम दाम के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन, डीएम को सौंपा मांग पत्र