बुलंदशहर: अनूपशहर के रोरा गांव में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। चार करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस विद्यालय में बिना सीमेंट के फर्श डाले जाने का दावा करते हुए ग्रामीणों ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम प्रधान राय सिंह और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के मंडल अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने किया। गुस्साए ग्रामीणों ने तीन दिन पहले डाले गए फर्श को उखाड़कर दिखाया, जो अभी तक सेट नहीं हुआ था, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे।
ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने बताया कि इस मामले में पहले भी जिलाधिकारी से शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद एक जांच कमेटी का गठन हुआ था। हालांकि, अधिकारियों के सुधार के वादों के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था पर बार-बार घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उन्होंने आरईएस के एक्सईएन विनीत चौधरी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत पांडे से शिकायत करने की बात कही। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने घटिया फर्श की वीडियो और तस्वीरें भी रिकॉर्ड कीं, जो उनके दावों का सबूत हैं। ग्रामीणों की मांग है कि कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट किया जाए, फर्श को दोबारा डाला जाए और प्लास्टर का काम नए सिरे से हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। दूसरी ओर, एक्सईएन विनीत चौधरी ने दावा किया कि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप हो रहा है।
ये भी पढ़े: बुलंदशहर: बुलेट पर हीरोगिरी का वीडियो वायरल, पुलिस ने काटा 13 हजार का चालान.. एफआईआर भी दर्ज होगी