Khabar Bulandshahr

एक्सक्लूसिव: बुलंदशहर जाना था सांस का मरीज, एम्बुलेंस वाले जहांगीराबाद ले आए, इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर मौत, परिजनों को पीटा

भरत गोयल
जहांगीराबाद: क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक और कर्मियों की घोर लापरवाही उजागर हुई है। पहली लापरवाही तो सरकारी एम्बुलेंस कर्मियों की ही सामने आई कि पेशेंट ने इलाज के लिए बुलंदशहर अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई। सीरियस पेशेंट को एम्बुलेंस कर्मी बुलंदशहर ले जाने के बजाय सुविधाओं के लिए मोहताज जहांगीराबाद सीएचसी ले आए। दूसरी संवेदनहीनता तब दिखी, जब पेशेंट काफी देर तक जहाँगीरबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तड़पता रहा। लेकिन उसके इलाज के लिए चिकित्सक या कर्मचारी सामने नहीं आया। सब नदारद रहे। अफसर अब लीपापोती में जुटे हैं।

जहांगीराबाद सीएचसी के स्वास्थ्यकर्मियों पर आरोप लगाता युवक(वीडियो)

पूरा घटनाक्रम जानिए, स्वास्थ्य विभाग एक 65 वर्षीय बुजुर्ग अशोक शर्मा गांव महाराजपुर, नजदीक शिवाली के इलाज में स्वास्थ्य विभाग के स्तर से किस कदर कोताही बरती गई। उसे काफी देर तक इलाज न मिलने पर अशोक शर्मा की तेदेपा तड़पकर मौत हो गई। अशोक शर्मा के साथ आए पड़ोसी कुलदीप शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम करीब 5 बजे अशोक शर्मा को सांस लेने में दिक्कत हुई। मदद के लिए सरकारी एम्बुलेंस नंबर पर कॉल की गई। एम्बुलेंस चालक से कहा गया कि उन्हें इलाज के लिए किसी और जगह की बजाय सीधे बुलंदशहर ले जाए, लेकिन एम्बुलेंस चालक उन्हें जहांगीराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आया। कुलदीप का आरोप है कि अशोक शर्मा को करीब 42 मिनट तक सीएचसी जहांगीराबाद में इलाज नहीं मिला। उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। डॉक्टर और कर्मचारी से इलाज करने को कहा तो उल्टे उन्हें ही धमकाने लगें। सांस न आने की वजह से अशोक शर्मा तड़पने लगे और उनकी मौत हो गई।

जांच करते पुलिसकर्मी(वीडियो)

युवक भागा और बोला, भैया सब हाथ छोड़ रहे हैं…
पूरे घटनाक्रम में एक वीडियो और सामने आया है। वीडियो के शुरुआत में एक युवक कहता दिख रहा है कि कोई बात नहीं हम गलत बोल रहे हैं। इस दौरान वह अस्पताल में अंदर जाता है और उसके साथ मारपीट होने लगती है।

जहांगीराबाद सीएचसी में मारपीट का वायरल वीडियो

जहांगीराबाद सीएचसी प्रभारी की सुनिए

जहांगीराबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. आशीष मुदगल ने बताया कि व्यक्ति सांस का मरीज था। उसे तुरंत ही उपचार दिया गया। इलाज के दौरान ही मरीज की मौत हो गई। कहीं कोई लापरवाही नहीं बरती गई। कितनी देर में इलाज मिला, अस्पताल में सब एंट्री मौजूद हैं। यदि किसी कर्मी ने परिजनों के साथ मारपीट की है। उसका साक्ष्य मिलता है तो निश्चिततौर पर कर्मचारी के खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी।

ये खबर भी पढ़े: बुलंदशहर पुलिस की बड़ी सफलता: दो गैंगस्टरों को किया गिरफ्तार, पुलिस की आंखों में धूल झौंक देते थे घटनाओं को अंजाम

ये खबर भी पढ़े:ऑपरेशन कन्विक्शन: दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, 27,000 रुपये का जुर्माना

हमारी खबरों को साझा करें

अन्य खबरें यहां पढे़