बुलंदशहर: जिला कारागार में बंद उस शख्स की मौत हो गई, जिस पर बकरी के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का गंभीर आरोप लगा था। आरोपी की पहचान गजेंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर का निवासी था। वह कृषि विभाग में सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) के पद पर तैनात था और घटना के बाद निलंबित कर दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जेलर के अनुसार, गजेंद्र को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। जेल के चिकित्सकों ने तुरंत प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जेल प्रशासन ने बताया कि गजेंद्र पहले से ही गंभीर हृदय रोग से पीड़ित था। उसका इलाज दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल और मेरठ मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। जेल में भी उसे समय-समय पर विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच कराई जाती थी और वह नियमित दवाएं ले रहा था।
मामला अगस्त 2024 का है, जब अहमदगढ़ थाना क्षेत्र में गजेंद्र पर एक नाबालिग दलित बच्ची के साथ दुष्कर्म और बकरी के साथ कुकर्म करने का आरोप लगा था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे 13 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह घटना उस समय जिले भर में चर्चा का विषय बनी थी। एक सरकारी अधिकारी द्वारा ऐसा जघन्य अपराध करने से विभागीय छवि पर बट्टा लगा था और सामाजिक स्तर पर व्यापक आक्रोश व्यक्त किया गया था। आरोपी की मौत की सूचना पर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और आगे की जांच की जाएगी।