बुलंदशहर: वर्ष 2016 के चर्चित बुलंदशहर हाईवे सामूहिक दुष्कर्म कांड में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले पांचों दोषी जेल में बेचैनी की हालत में हैं। सजा सुनाए जाने के बाद उनकी पहली रात करवटें बदलते और नींद न आने में गुजरी। जेल प्रशासन ने उन्हें विशेष निगरानी में रखा है।
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विशेष पोक्सो कोर्ट ने सोमवार को जुबैर, साजिद, नरेश, धर्मवीर और सुनील को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने इन दरिंदों को “राक्षस” करार देते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को सभ्य समाज से दूर रखना जरूरी है। प्रत्येक दोषी पर 1.81 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फिलहाल सभी दोषी बुलंदशहर जिला कारागार में हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी ने बताया कि जुबैर और साजिद गिरफ्तारी के बाद से ही यहां बैरक नंबर-6 में बंद हैं। इन दोनों के खिलाफ जिले में अन्य ट्रायल की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि कोई केस शेष नहीं हुआ तो इन्हें आगरा की सेंट्रल जेल ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
वहीं, नरेश, धर्मवीर और सुनील को हरियाणा के नूंह जिला कारागार से लाया गया था। ये तीनों अभी 10 दिन के क्वारंटाइन में हैं। क्वारंटाइन पूरा होने के बाद यदि बुलंदशहर में इन पर कोई ट्रायल नहीं चला तो इन्हें वापस हरियाणा भेज दिया जाएगा।
जेल सूत्रों के अनुसार, सजा के बाद दोषियों की रात बेहद बेचैन गुजरी। रातभर वे करवटें बदलते रहे और ठीक से भोजन भी नहीं किया। हालांकि, मंगलवार सुबह नाश्ते में उबले चने दिए गए तो उन्होंने खा लिया। जुबैर और साजिद ज्यादा परेशान नजर आए।यह मामला 29 जुलाई 2016 की रात का है, जब नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे एक परिवार को हाईवे पर रोककर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और लूटपाट की गई थी। सीबीआई जांच में बावरिया गिरोह के ये सदस्य दोषी पाए गए। नौ साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पीड़ित परिवार को आखिरकार न्याय मिला है।
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