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दिव्यांग ने हौसले से जीत लिया आसमान: मानवेंद्र सिंह ने UPSC ईएसई परीक्षा में हासिल की 112वीं रैंक, बुलंदशहर का नाम किया रोशन

बुलंदशहर: शारीरिक चुनौतियों को कभी अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया, बल्कि दिमाग की ताकत से हर बाधा को पार कर लिया। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है 24 वर्षीय मानवेंद्र सिंह की, जो 50 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग सर्विसेज परीक्षा (ESE/IES) 2025 में पहली ही कोशिश में ऑल इंडिया 112वीं रैंक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।

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राष्ट्र चेतना मिशन के सदस्य मानवेंद्र पर फूल वर्षा करते हुए, वीडियो देखें

मानवेंद्र बुलंदशहर के आवास विकास कॉलोनी के निवासी हैं। बचपन से ही वे बोलने और पैरों से चलने में असमर्थ रहे हैं, लेकिन उनका दिमाग बेहद तेज है। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर रोजाना 18 घंटे पढ़ाई की और इस मुकाम तक पहुंचे। आईआईटी पटना से 2024 में बीटेक पूरा करने के दौरान ही उन्होंने ESE की तैयारी शुरू की थी। इससे पहले JEE में उन्होंने 63वीं रैंक हासिल की थी।

मानवेंद्र के पिता इस दुनिया में नहीं हैं, जबकि मां निजी स्कूल में प्रधानाध्यापक हैं। मानवेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय मां और गुरुजनों को दिया है। उनकी बहन मृदुला सिंह भी UPSC की तैयारी कर रही हैं।

मानवेंद्र की इस उपलब्धि पर समाज में चारों तरफ सम्मान की बयार बह रही है। राष्ट्र चेतना मंच सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। यह सफलता न केवल मानवेंद्र के लिए, बल्कि सभी दिव्यांगजनों के लिए एक प्रेरणा है कि शारीरिक कमजोरी कभी सपनों की उड़ान नहीं रोक सकती।

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