जहांगीराबाद: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विजयादशमी के पावन अवसर पर बुलन्दशहर के जहांगीराबाद नगर में एक भव्य पथ संचलन का आयोजन किया। यह पथ संचलन बालाजी मंदिर बस्ती से शुरू होकर बुलंदशहर बस स्टैंड, रोगनग्रान और रामगढ़ी क्षेत्रों से होकर गुजरा, जिसने पूरे नगर में राष्ट्रप्रेम और सनातन संस्कृति की अमिट छाप छोड़ी।
कार्यक्रम की शुरुआत बालाजी मंदिर में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के चित्र पर पुष्प अर्पण और शस्त्र पूजन के साथ हुई। पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवकों के अनुशासित कदम, एकसमान वेशभूषा और राष्ट्रभक्ति का जोश देखते ही बनता था। स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर और ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी नारों के साथ स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने प्रेरक संबोधन में आरएसएस के सौ साल के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि संघ ने हमेशा व्यक्ति निर्माण, राष्ट्रभक्ति, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता दी है। सनातन संस्कृति के गौरव को विश्व पटल पर स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए वक्ताओं ने स्वयंसेवकों से समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “स्वयंसेवक का आचरण ही समाज का निर्माण करता है।” वक्ताओं ने यह भी बताया कि संघ की नित्य शाखाओं के माध्यम से व्यक्ति निर्माण होता है, जो एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण की नींव रखता है। संकट के समय स्वयंसेवकों ने हमेशा समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने और भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए स्वयंसेवकों से सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।
इस भव्य पथ संचलन में विधायक संजय शर्मा, जिला प्रचार प्रमुख अखिलेश कुमार, नगर प्रचारक पुष्पेंद्र, संघचालक अनिल गर्ग, सह संचालक रवि शंकर, जिला सह कार्यवाह पिंटू चौधरी, नगर कार्यवाह प्रदीप गोयल, पुनीत शर्मा, नागेंद्र रावल, अजीत हिमाचल सिंह, चौधरी सोहनपाल सिंह, शिवकुमार गर्ग, मुकेश गुप्ता, संजय सैनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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