बुलंदशहर: मालागढ़ ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए आई राशि में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान जगजीवन सैनी पर अपने और परिजनों के खातों में धनराशि ट्रांसफर कर सरकारी फंड के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं।
जांच में खुलासा हुआ कि प्रधान ने स्टेबलाइजर के नाम पर 12,800 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर किए। इसके अलावा, सफाई कार्य के नाम पर 1,17,900 रुपये अपने भाई कृष्णा सैनी और भतीजे धीरज सैनी के खातों में भेजे। ई-रिक्शा चालक के नाम पर भी 1,19,000 रुपये की राशि निकाली गई। जांच में यह भी पाया गया कि 15वें वित्त आयोग के तहत अलग-अलग नामों से मानदेय भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है, खासकर जब गांव में पहले से ही नियमित सफाई कर्मचारी तैनात हैं।
हालांकि, तालाब सफाई के लिए किए गए 3,43,596 रुपये के भुगतान को जांच में सही पाया गया।जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी (डीएम) श्रुति ने प्रधान जगजीवन सैनी को नोटिस जारी किया। प्रधान का जवाब संतोषजनक न होने पर डीएम ने उनके वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए। डीपीआरओ नवीन कुमार मिश्रा ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
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