बुलंदशहर: दहेज के लिए पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला जज (एडीजे) फास्ट ट्रैक कोर्ट तृतीय शिवानंद की अदालत ने आरोपी पति अतुल को दोषी करार देते हुए 8 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
क्या था घटनाक्रम?
अभियोजक ध्रुव कुमार वर्मा के अनुसार, खेतलपुर भांसौली गांव निवासी देवराज ने अपनी बेटी शालू की शादी नयागांव निवासी अतुल के साथ की थी। शादी के बाद से ही अतुल कथित तौर पर दहेज की मांग को लेकर शालू को लगातार प्रताड़ित करता था।
आरोप है कि 9 अक्टूबर 2018 को अतुल ने शालू के साथ मारपीट की और अतिरिक्त दहेज की मांग की। जब शालू ने इसका विरोध किया, तो गुस्से में आकर अतुल ने उसकी हत्या कर दी और शव को फंदे पर लटका दिया। घटना की जानकारी मिलने पर शालू के परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी अतुल फरार हो चुका था।
कोर्ट की कार्यवाही
शालू के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के बाद 2 फरवरी 2019 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। ‘ऑपरेशन कन्वेक्शन’ के तहत इस मामले में त्वरित सुनवाई हुई, जिसमें 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। गहन सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने बुधवार को अतुल को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
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