बुलंदशहर: सरकारी राशन योजना में गरीबों के हक पर अपात्रों का डाका सामने आया है। विबाहग की ओर से शासन को भेजी रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि कुल 55,707 अपात्र लाभार्थियों ने सालों से मुफ्त राशन का फायदा उठाया, जबकि असली जरूरतमंद हाथ पर हाथ धरे रहे। जिले में 25 लाख से अधिक राशन कार्डधारक योजना का लाभ ले रहे हैं। ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान आधार और पैन कार्ड की लिंकिंग से यह धांधली पकड़ में आ गई।
जिला आपूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि इन अपात्रों में 4,310 ऐसे लोग हैं जिनके पास 5 एकड़ या इससे अधिक जमीन है, 7,280 लोगों के पास छोटे-बड़े वाहन हैं। 10,579 अपनी कंपनी या व्यापार चला रहे हैं। 16,055 प्रति वर्ष 3 लाख रुपये से अधिक कमा रहे हैं, जबकि 17,483 लोग सालाना 2 लाख रुपये से ज्यादा की आय अर्जित कर रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि कैसे सक्षम लोग सिस्टम का दुरुपयोग कर रहे थे, और राशन डीलरों की मिलीभगत से यह खेल लंबे समय तक चला। अभय सिंह ने कहा, “यह लंबे समय से चली आ रही अनियमितता थी। अब सत्यापन के बाद इन कार्डों को रद्द कर दिया जाएगा, और फर्जी लाभ लेने वालों पर कार्रवाई होगी।