भारत गोयल
जहांगीराबाद। शुक्रवार को नगर में मुस्लिम समुदाय द्वारा निकाले गए ईद मिलाद उन नबी के जुलूस में फिलिस्तीन के झंडे लहराने का मामला सामने आया है। इस मामले से जुड़ी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फिलिस्तीन का झंडा फहराए जाने का मामला जिला मुख्यालय तक पहुंचा तो महकमे में हड़कम्प मच गया।
जुलूस के दौरान सतर्क था अमला
जुलूस के दौरान एसपी देहात, सीओ अनूपशहर, जहांगीराबाद और अगौता पुलिस व पीएसी बल नगर में ही तैनात था। तमाम प्रशासनिक अमले की निगरानी में जुलूस निकलने के बावजूद भी फिलिस्तीन के झंडे लहराए जाने की सूचना जब एसएसपी तक पहुंची तब पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कम्प मच गया। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने रात में ही अपने अधीनस्थों के साथ ऑनलाइन मीटिंग ली। बैठक में अधिकारियों द्वारा अधीनस्थों की जमकर क्लास लगाई गई। इस मामले में कस्बा चौकी इंचार्ज द्वारा दो युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 299 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आखिर झंडा कहाँ से आया?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर फिलिस्तीन का झंडा आया कहाँ से? क्योंकि आम तौर पर भारत का तिंरगा किसी बुकसेलर और अन्य किसी दुकान पर उपलब्ध हो सकता है लेकिन फिलिस्तीन का झंडा आना किसी पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा लग रहा है।
हिंदूवादी संगठनों में रोष
शांति समिति की बैठकों में तमाम दिशा निर्देशों को धता बताते हुए फिलिस्तीन का झंडा फहराये जाने को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने भी नाराजगी जाहिर की है और सरकार से इस सम्बंध में कड़े नियम बनाने की मांग की है। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता यतेंद्र छोटे गहना ने कहा कि हमारे देश मे किसी अन्य देश का झंडा फहराए जाने के खिलाफ कड़े कानून बनाये जाने की आवश्यकता है।