बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में वर्ष 2022 में हुए मामले में स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने आरोपी शाहिद को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
घटना थाना छतारी क्षेत्र की है। आरोपी शाहिद ने फरीद अहमद के पुत्र शादाब का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। इस अपराध के बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना छतारी में मुकदमा दर्ज किया। जांच टीम ने मामले की गहन पड़ताल की और सभी सबूतों को इकट्ठा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बुलंदशहर की मॉनीटरिंग सेल ने इस केस में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की, जिससे सुनवाई में तेजी आई।
स्पेशल पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा की अध्यक्षता में चली सुनवाई के दौरान कुल 7 गवाहों की गवाही दर्ज की गई। इन गवाहियों और पेश किए गए ठोस सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी शाहिद को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के अपराध समाज के लिए खतरा हैं और इन्हें कड़ी सजा देकर ही रोका जा सकता है। सजा के तहत आरोपी को 10 साल की कैद भुगतनी होगी, साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना पड़ेगा। जुर्माने की राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजक सुनील शर्मा, वरुण कौशिक और चंद्रभान सिंह ने मजबूत पैरवी की। इनके अलावा मॉनीटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह, पैरोकार कांस्टेबल दीपक टेकवानी और कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल संजीव कुमार ने भी इस जांच और सुनवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ये भी पढ़े: बुलंदशहर में शिक्षक दिवस पर 60 शिक्षकों का सम्मान, सीएम का सीधा प्रसारण दिखाया
ये भी पढ़े:गंगा का बढ़ा जलस्तर: बुलंदशहर में प्रशासन अलर्ट, श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील