बुलंदशहर: जिले में जलभराव के कारण डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिला चिकित्सालय में डेंगू मरीजों के लिए 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर पांच-पांच और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर दो-दो बेड डेंगू मरीजों के लिए सुरक्षित किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में अब तक डेंगू के 7 और मलेरिया के 34 मामले सामने आ चुके हैं। बुधवार को जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी लैब में डेंगू के लक्षण वाले 25 और मलेरिया के लक्षण वाले 53 मरीजों के सैंपल की जांच की गई, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।

जिला अस्पताल में विशेष इंतजाम
जिला चिकित्सालय के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि डेंगू मरीजों के लिए 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है। वार्ड में प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी लगाई जा रही है, और दवाओं सहित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
सीएचसी और पीएचसी पर भी तैयारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील कुमार दोहरे ने बताया कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए सभी सीएचसी पर पांच-पांच और पीएचसी पर दो-दो बेड आरक्षित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
जनता से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से जलभराव वाले स्थानों पर ध्यान देने, मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और रिपेलेंट्स का उपयोग करने, साथ ही बुखार या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की अपील की है। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
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