खुर्जा: टिहरी हाइड्रो डवलपमेंट कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड (THDCIL) द्वारा संचालित खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सोमवार को प्लांट के रेलवे साइडिंग यार्ड में 500वीं कोयला रैक पहुंची, जिससे निरंतर बिजली उत्पादन के लिए ईंधन आपूर्ति की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित हुई। कोयला मध्यप्रदेश की अमेलिया कोयला खदान से मंगाया गया है। यह प्लांट की 1320 मेगावाट की दो यूनिट्स के संचालन के लिए आवश्यक है।


खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट की 660 मेगावाट की पहली यूनिट पहले ही चालू हो चुकी है, जबकि दूसरी यूनिट को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़कर इसका ट्रायल शुरू हो गया है। दोनों यूनिट्स के पूर्ण संचालन के बाद प्लांट 1320 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू कर देगा। निरंतर बिजली आपूर्ति में किसी भी रुकावट से बचने के लिए प्लांट परिसर में पर्याप्त मात्रा में कोयले का स्टॉक सुनिश्चित किया गया है। परियोजना के कार्यकारी निदेशक कुमार शरद ने 500वीं कोयला रैक के आगमन पर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि प्लांट की स्थिर संचालन क्षमता और ईंधन आपूर्ति श्रृंखला के कुशल प्रबंधन का प्रतीक है। 500वीं रैक का आना दर्शाता है कि हमने कमीशनिंग और प्रारंभिक संचालन के चरण को सफलतापूर्वक पार कर लिया है और अब स्थिर व नियमित संचालन के स्तर पर पहुंच गए हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि कोयले की नियमित आपूर्ति से प्लांट का लोड फैक्टर (PLF) बेहतर बना रहेगा, जिससे विश्वसनीय बिजली उत्पादन सुनिश्चित होगा।
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