बुलंदशहर: अनुशासनहीनता और अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग मामलों में सख्त कार्रवाई हुई है। सहकारिता विभाग ने सैदपुर गांव की सहकारी समिति के सचिव को निलंबित कर दिया, वहीं बुलंदशहर डिपो के चार संविदा चालकों की सेवा समाप्त कर उनकी प्रतिभूति राशि जब्त करने का आदेश जारी किया गया।
सहकारी समिति में अनियमितताओं पर कार्रवाई
सहकारिता विभाग के ज्वाइंट रजिस्ट्रार संजय कुमार राय ने बुधवार को जिले की सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया। बीबीनगर क्षेत्र के सैदपुर गांव की सहकारी समिति में निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समिति के सचिव रविकांत विमल उर्वरक वितरण से संबंधित जानकारी और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। सहकारिता विभाग के एआर को-ऑपरेटिव अमित कुमार त्यागी ने बताया कि निरीक्षण में समिति पर उर्वरक तो पूरा मिला, लेकिन वितरण रजिस्टर और अन्य दस्तावेज अधूरे थे। खाद वितरण में भी सचिव द्वारा अनियमितता बरतने का मामला उजागर हुआ। इस पर ज्वाइंट रजिस्ट्रार ने तत्काल प्रभाव से रविकांत विमल को निलंबित कर दिया। साथ ही, जिले की सभी 146 सहकारी समितियों के सचिवों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे यूरिया और डीएपी का वितरण नियमानुसार करें। अमित कुमार त्यागी ने कहा, “किसानों के हित में अनियमितताओं पर सख्ती बरती जाएगी ताकि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
बुलंदशहर डिपो के चार चालकों पर गिरी गाज
दूसरी ओर, बुलंदशहर डिपो में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे चार संविदा चालकों सोनू कुमार, अरविंद सिंह, सचिन कुमार और ग्यासुद्दीन की सेवा समाप्त कर दी गई है। इन चालकों पर ड्यूटी में लापरवाही और अनुपस्थिति का आरोप था। एआरएम बुलंदशहर डिपो परमानंद ने बताया कि ये चालक पिछले वर्ष से लगातार अनुपस्थित थे। निगम ने दो बार पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर मंगलवार को कार्रवाई की गई। चारों चालकों की संविदा समाप्त करने के साथ-साथ उनकी प्रतिभूति राशि और अन्य देयकों को जब्त करने का आदेश जारी किया गया है। इस कार्रवाई की जानकारी क्षेत्रीय प्रबंधक सहित अन्य अधिकारियों को पत्र के माध्यम से भेज दी गई है।