Khabar Bulandshahr

खबर बुलंदशहर फॉलोअप: 28 लाख की वित्तीय अनियमितता में जहांगीराबाद नगरपालिका- नरौरा नगर पंचायत आमने- सामने.. जहांगीराबाद ईओ ने कहा हमने पूरी पत्रावली मांगी, नहीं मिली.. ईओ नरौरा ने कहा, हमसे कोई पत्रावली मांगी ही नहीं

ऊपर दिया गया एडीएम प्रशासन का पत्र

भारत गोयल
जहांगीराबाद। 28 लाख की वित्तीय अनियमितता के मामले में जहांगीराबाद नगरपालिका और नरौरा नगर पंचायत ही आमने सामने आ गए हैं। जहां नगर पालिका जहांगीराबाद ने नरौरा नगर पंचायत से घोटाले के संबंध में पूरी पत्रावली मांगने की बात कही है। वहीं, नरौरा नगर पंचायत के अफसर इस बात से साफ मुकर गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनसे इस तरह की पूरी पत्रावली कभी नहीं मांगी गई।

क्या कहा दोनों निकाय के अफसरों ने?

जहांगीराबाद नगर पालिका के ईओ मणि जी सैनी का कहना है कि उन्होंने नरौरा नगर पंचायत से पत्रावली मांगी है वहीं नरौरा नगर पंचायत के ईओ अरविंद मिश्रा का कहना है कि उनसे लिखित या मौखिक किसी भी प्रकार का संपर्क कर इस मामले से सम्बंधित पत्रावली मांगी ही नहीं गई है। मामला पत्रावली में उलझता दिख रहा है। सवाल यह भी है कि इस घोटाले में सही कौन है?

28 लाख के घोटाले के आरोप की मूल खबर यहां पढ़े: जहांगीराबाद नगर पालिका के सम्पत्ति लिपिक पर 28 लाख रुपये गबन का आरोप, एडीएम के कार्रवाई के आदेश भी ठंडे बस्ते में.. आरटीआई एक्टिविस्ट ने खोला मोर्चा.. बाबू ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं इस सम्बंध में 31 जुलाई को एडीएम प्रशासन ने फिर से जहांगीराबाद नगर पालिका को सम्बंधित बाबू के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही कर नरौरा नगर पंचायत और एडीएम प्रशासन के कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन लगभग तीन हफ्ते बीत जाने के बाद भी यह मामला सिर्फ पत्रावली के अवलोकन को लेकर अटक कर रह गया है।

आखिर कार्रवाई कब और जिम्मेदार कौन?
आरोपी बाबू ने साफ कहा है कि उसने कोई घोटाला नहीं किया। वह हर जांच के सामने को तैयार है। वहीं, निकायों में जिम्मेदारी ईओ और चेयरमैन के पास हर बजट के पास कराने की होती है। ऐसे में सवाल है कि एसडीएम की आख्या में आए करीब 28 लाख की वित्तीय अनियमितता का आखिर जिम्मेदार कौन है?

ये भी पढ़े: गुलावठी में विवाहिता के साथ मारपीट, तेजाब पिलाने की कोशिश.. दहेज में कार न मिलने पर ससुरालियों पर टॉर्चर करने का आरोप

हमारी खबरों को साझा करें

अन्य खबरें यहां पढे़