बुलंदशहर: ऊंचागांव क्षेत्र के मांजरा मढैया खुर्द गांव में एक घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। 30 वर्षीय धीरज पुत्र भोलू की सांप के काटने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने धीरज के शव को नहर के बहते पानी मे लटका दिया गया। कुछ लोग इसे अंधविश्वास मान रहे हैं तो कुछ मान रहे हैं, पानी से बचाव सम्भव है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि एक बार सांप का विष नसों में जमने पर बचाव मुश्किल हो पाता है।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार की देर शाम धीरज बाजार से सामान खरीदने गया था। लौटते समय कस्बे की एक दुकान में अचानक सांप निकलने से हड़कंप मच गया। दुकानदारों और आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। धीरज ने बहादुरी दिखाते हुए सांप को पकड़ लिया और उसे अपने साथ ले गया। ग्रामीणों के अनुसार, रास्ते में सांप ने धीरज को डस लिया। धीरज बिना किसी को बताए घर लौट आया, खाना खाया और सो गया। आधी रात को उसकी हालत बिगड़ने पर परिजनों को सर्पदंश की बात पता चली। आनन-फानन में उसे ऊंचागांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने धीरज को मृत घोषित कर दिया।
शव को नहर में उतारा
मृत्यु होने के बाद परिजनों ने धीरज के शव को कस्बे से होकर गुजरने वाली नहर में उतारने का फैसला किया। उनका मानना था कि नहर के पानी में शव को उतारने से जहर का असर खत्म हो सकता है और धीरज जीवित हो सकता है। परिजनों ने शव के पैर में रस्सी बांधकर उसे नहर में उतारा।
ये भी पढ़े:किशोरी से गैंगरेप और आत्महत्या मामले में तीनों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे
ये भी पढ़े:जहांगीराबाद में पिटबुल ने दबोचा स्ट्रीट डॉग… कॉलोनी में खतरा, विवाद बढ़ने पर पुलिस ने दी हिदायत