बुलंदशहर: बुलंदशहर पुलिस ने “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी कर गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन आरोपियों को सजा दिलाने में सफलता हासिल की है। न्यायालय, अनूपशहर द्वारा अभियुक्तों अनिल उर्फ टाइगर, जेके उर्फ जयकुमार और प्रवीन को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 20,000-20,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
घटना वर्ष 2017 की है। ग्राम श्यौरामपुर, थाना अनूपशहर निवासी अभियुक्तों अनिल उर्फ टाइगर पुत्र लोकपाल, जेके उर्फ जयकुमार पुत्र हेमचंद और प्रवीन पुत्र रामकिशन ने वादी पूरन के पुत्र के साथ मारपीट की थी। मारपीट के बाद उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में थाना अनूपशहर में 27 मई 2017 को मुकदमा संख्या 334/17, धारा 436, 148, 304 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने 20 जुलाई 2017 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत इस मामले को चिह्नित किया गया। बुलन्दशहर पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने न्यायालय में सशक्त और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की। इसके परिणामस्वरूप, 14 अगस्त 2025 को न्यायाधीश विनीत चौधरी, एडीजे, अनूपशहर ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास और 20,000 रुपये प्रति व्यक्ति अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अभियोजक आसुतोष सिंह, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह, पैरोकार कांस्टेबल लोमस कुमार और कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल राहुल ने सजा दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।