बुलंदशहर: जिले के बहुचर्चित वाहिद हत्याकांड में 13 साल बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 15 में से 12 आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि 3 आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब 19 अगस्त 2025 को सजा का ऐलान होगा। बता दें कि इस मामले ने 2012 में गद्दी और कुरैशी समुदायों के बीच गैंगवार को जन्म दिया था। यह लंबे समय तक बुलंदशहर पुलिस के लिए सिरदर्द बना रहा।
अदालत से सजा होने के बाद बाहर आते दोषी, वीडियो
क्या है पूरा मामला?
24 अगस्त 2012 को बुलंदशहर के मोहल्ला रुक्नसराय निवासी वाहिद गाजी पुत्र बक्शा गाजी की बाइक फिसलने को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। कुरैशी समुदाय के लोगों ने वाहिद को गोलियों से भूनकर मार डाला। इस हमले में मीना पत्नी नसरू और राशिद पुत्र नसरू भी गोली लगने से घायल हुए थे। इस हत्याकांड ने शहर में तनाव की स्थिति पैदा कर दी। अंसारी रोड सहित कई बाजारों में दुकानों के शटर बंद हो गए और हालात को काबू करने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती करनी पड़ी। कई दिनों बाद स्थिति सामान्य हो सकी थी।
अधिवक्ता रुकन सिंह पायल की बाइट सुनिए, वीडियो
गैंगवार ने दिया सिरदर्द
वाहिद की हत्या के बाद गद्दी और कुरैशी समुदायों के बीच गैंगवार शुरू हो गया। दोनों पक्षों में बदले की भावना इस कदर बढ़ी कि मुलाकात होने पर खूनी संघर्ष आम हो गया। बदले की आग में गद्दी समुदाय के लोगों ने कुरैशी समुदाय के हामिद पुत्र हाजी इशार की दुकान पर बैठे हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। इस घटना ने दोनों समुदायों के बीच तनाव को और भड़का दिया। बुलंदशहर पुलिस को लंबे समय तक दोनों समुदायों के इलाकों में कड़ी निगरानी रखनी पड़ी।
कोर्ट में क्या हुआ?
पुलिस ने वाहिद हत्याकांड में 15 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें खलील पुत्र अजीज, चमन पुत्र कल्लू, रहीस और शाहिद पुत्रगण शद्दीक, असरफ और अनवर पुत्रगण हाजी नसरू, वाहिद और साजिद पुत्रगण यूनुस, हाजी आसमोहम्मद पुत्र हाजी कम्मू, फरीद पुत्र यूसुफ पहलवान और यूसुफ पुत्र हाजी इशार शामिल थे। इनमें से याद मोहम्मद, यूसुफ और रहीस की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रुकन सिंह पायल ने बताया कि कोर्ट ने बाकी 12 आरोपियों को दोषी माना है और सभी को हिरासत में ले लिया गया है। सजा का ऐलान 19 अगस्त को होगा।
हामिद हत्याकांड में भी सजा
वाहिद की हत्या के बाद हुए हामिद हत्याकांड में भी पुलिस ने माजिद, बक्शा, इश्तकार, नवेद, राशिद, मुल्ला फारूक, तौसीफ और मुल्ला जमील को आरोपी बनाया था। करीब एक साल पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इस मामले में आरोपियों को विभिन्न सजाएं सुनाई थीं।
ये भी पढ़े:कांग्रेस के ‘वोट चोर’ के बैनर हटवाने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश, आज शाम कैंडल मार्च