भारत गोयल
जहांगीराबाद: मंडावली गांव की एक स्कूल बस से कुचलकर एक होनहार युवक की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। युवक का चयन आईटीबीपी में हो गया था। परिजनों का कहना है कि वह ट्रेनिंग पर जाने वाला था। उससे पहले ही हादसे ने उसे छीन लिया। मृतक के परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि हादसे के बाद ड्राइवर और हेल्पर को पुलिस के हवाले करने की बजाय स्कूल प्रबंधन ने उन्हें बचाने की कोशिश में है।
चिंटू के मामा के आरोप सुनिए, वीडियो
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परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर स्कूल परिसर में आ गया, जबकि हेल्पर ग्रामीणों को चकमा देकर फरार हो गया। ग्रामीणों के साथ मिलकर परिजनों ने स्कूल के प्रधानाचार्य से ड्राइवर और हेल्पर को पुलिस को सौंपने की मांग की। शुरू में प्रधानाचार्य ने दोनों को बुलाने का आश्वासन दिया, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन जानबूझकर ड्राइवर और हेल्पर को बचाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, अहमदगढ़ पुलिस ने हादसे में शामिल बस को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों और ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।
हादसे ने चिंटू को छीना, सपने भी कुचले
मृतक युवक चिंटू के मामा नितेश शर्मा ने गमगीन स्वर में बताया कि चिंटू का सपना फौज में भर्ती होकर देश की सेवा करना था। वह लगातार सेना भर्ती की तैयारी में जुटा था और हाल ही में उसका चयन आईटीबीपी में हो गया था। नितेश ने रोते हुए कहा, “चिंटू के सारे सपने इस हादसे ने कुचल दिए। वह फौज में जाकर देश का नाम रोशन करना चाहता था, लेकिन इस त्रासदी ने सब कुछ छीन लिया।”
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