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बिना नम्बर प्लेट लगी स्कूल बस ने मामा- भांजे को कुचला, भांजे की मौत, आईटीबीपी में हुआ था सलेक्शन, गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर काटा हंगामा.. प्रबंधन ने स्कूल में अंदर से लगाया ताला

भारत गोयल
जहांगीराबाद। खाद का कट्टा लेने जा रहे क्षेत्र के गांव मंडावली निवासी दो सगे मामा भांजे को बिना नम्बर प्लेट लगी तेज रफ्तार स्कूल बस ने कुचल दिया। दुर्घटना में घायल भांजे चिंटू शर्मा ने दम तोड़ दिया जबकि मामा को गम्भीर अवस्था मे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोपी ड्राइवर बिना नम्बर प्लेट की बस को लेकर मौके से फरार हो गया और बस को स्कूल में खड़ा कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। वहीं, प्रबंधन कर्मियों ने स्कूल का ताला अंदर से लगाकर बंद हो गए है। घटना के बाद जहांगीराबाद सीएचसी में स्थानीय पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वहीं घटना की सूचना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। चिंटू का सलेक्शन आईटीबीपी में हो गया था। वह कुछ ही दिनों में ट्रेनिंग पर जाने वाला था।

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गुरुवार सुबह लगभग साढ़े 7 बजे मंडावली निवासी सत्यनारायण शर्मा अपने भांजे चिंटू के साथ बाइक पर खाद के कट्टे खरीदने धामनी गांव की ओर जा रहे थे। बाइक जैसे ही अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के पतरामपुर चौराहे पर पहुंची तभी सामने से आ रही एक निजी स्कूल की बस ने बाइक में टक्कर मार दी। दुर्घटना में दोनों मामा और भांजे गम्भीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय ग्रामीण दोनों घायलों को जहांगीराबाद सीएचसी लेकर आ गए, जहां चिकित्सकों ने भांजे चिंटू शर्मा(21)को मृत घोषित कर दिया और सत्यनारायण शर्मा(मामा) को हालत गम्भीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर जहांगीराबाद पुलिस सीएचसी पहुंची और शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गुस्साए ग्रामीण स्कूल के बाहर पहुंच गए और हंगामा करनया शुरू कर दिया। डर की वजह से स्कूल प्रबंधन ने अंदर से ताला लगा लिया। सारा स्टाफ स्कूल में ही बंद हो गया। जहांगीराबाद पुलिस स्थिति संभालने में जुटी है।

होनहार था चिंटू, आईटीबीपी में हुआ था सलेक्शन
चिंटू अनूपशहर के डीपीबीएस डिग्री कॉलेज से बीसीए की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों ने बताया कि चिंटू फौज औऱ पुलिस की भर्ती देख रहा था और उसका सिलेक्शन आईटीबीपी में हो गया था। वह ट्रेनिंग पर जाने वाला था। चिंटू मूल रूप से फरीदाबाद का रहने वाला था। यहां अपने मामा के पास रहकर पढ़ाई कर रहा था। चिंटू की मौत खबर सुनते ही परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

बिना नंबर प्लेट की दौड़ रहीं बसें
जिस बस से टक्कर हुई है। वह बिना नंबर प्लेट की दौड़ रही थी। एआरटीओ के पास व्यवस्था सम्भालने की जिम्मेदारी होती है। बिना नंबर प्लेट की बस दौड़ाना परिवहन निगम के तहत लीगल नहीं माना जाता है। ऐसे में सम्भावना है कि एआरटीओ स्तर से भी कार्रवाई की जाए।

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