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स्याना चिंगरावठी हिंसा: मां का दावा- पुलिस भर्ती की कोचिंग करने गया था बेटा, खड़े होने पर ही फ़ोटो- वीडियो बना ली, निर्दोष है बेटा, आखिरी दम तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.. फैसला आने की वजह से छावनी बना कोर्ट परिसर, पांच थानों की फोर्स तैनात

बुलंदशहर: स्याना थाना क्षेत्र के गांव चिंगरावठी में 3 दिसंबर 2018 को हुए चर्चित हिंसा कांड में दोष सिद्ध पक्ष के लोग भी अपना पक्ष रख रहे हैं। अपर सत्र न्यायालय-12 (एडीजे-12) में 38 दोषियों को सजा सुनाई जाएगी। इस मामले में खाद मोहन नगर निवासी शशि प्रभा जिला अदालत पहुंची। उन्होंने मीडिया के सामने अपने बेटे सौरभ तायल की निर्दोष होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा पुलिस भर्ती की कोचिंग के लिए स्याना गया था, लेकिन हिंसा में शामिल नहीं था। फिर भी वीडियो-फ़ोटो में दिखने के कारण उसे आरोपी बना दिया गया। उसके जीवन के महत्वपूर्ण सात साल बर्बाद हो गए है

छावनी बना कोर्ट परिसर

वहीं कोर्ट के सजा एलान करने की स्थिति को देखते हुए परिसर में भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया। पूरा कोर्ट परिसर छावनी बना है। पांच थानों की पुलिस सुरक्षा के दृष्टिगत तैनात की गई है।

शशि प्रभा अपने बेटे सौरभ के बारे में जानकारी देती हुईं, वीडियो

मां की गुहार: मेरा बेटा निर्दोष, लड़ेंगे कानूनी लड़ाई
शशि प्रभा ने बताया कि सौरभ पुलिस भर्ती की कोचिंग में हिस्सा लेने के लिए स्याना में रुका था। उन्होंने दावा किया कि कोचिंग से संबंधित सभी दस्तावेज उनके अधिवक्ता ने अदालत के सामने पेश किए हैं। शशि प्रभा ने कहा, “मेरा बेटा निर्दोष है। उसे गलत तरीके से फंसाया गया है। वह अब कस्टडी में है, तो क्या कह सकते हैं? लेकिन हम आखिरी दम तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।” सौरभ की पैरवी के लिए वह स्वयं बुलंदशहर कोर्ट पहुंची हैं, जहां आज सजा पर बहस और फैसला होना है।

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क्या है स्याना हिंसा कांड?
3 दिसंबर 2018 को स्याना के चिंगरावठी गांव में कथित गोवंश अवशेष मिलने की अफवाह के बाद हिंसा भड़क उठी थी। भीड़ ने चिंगरावठी पुलिस चौकी पर हमला कर आगजनी और पथराव किया। इस दौरान स्याना कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और स्थानीय युवक सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें से 5 की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है, और एक नाबालिग का मामला बाल न्यायालय में विचाराधीन है। 30 जुलाई 2025 को कोर्ट ने 38 आरोपियों को दोषी ठहराया, जिसमें 5 को हत्या (धारा 302) और बाकी 33 को बलवा, आगजनी, और हत्या के प्रयास जैसी धाराओं में दोषी पाया गया।

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