भारत गोयल
जहांगीराबाद। नगर के जसैर रोड पर बनी 15 दुकानों की नीलामी लोकनिर्माण विभाग और नगर पालिका के भूमि स्वामित्व विवाद की शिकायतकर्ता से लेकर हर महकमे तक की पड़ताल की गई है। हम आपको पॉइंटवार समझाएंगे कि कहां नगरपालिका चूकी और कहां कौन असरदार रहा। क्या असल में कुछ एक कारकों की वजह से नीलामी प्रक्रिया बाधित करनी पड़ी?
पहले समझिए, मामला है क्या?
नगर पालिका परिषद ने पूर्व में जसैर रोड पर 15 दुकानों का निर्माण कराया था। इन दुकानों के बनने के बाद नगर पालिका ने नीलामी के प्रयास किए तो नगर के आरटीआई एक्टिविस्ट सलीम सैफ़ी ने सवाल खड़ा किया कि जिस भूमि पर यह दुकानें बनाई गई। उसपर लोक निर्माण विभाग का हक है। उन्होंने दुकानों की नीलामी को अवैध बताते हुए शिकायत उच्च अधिकारियों से की। जिसके बाद मामले में जांच की गई। हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि इस मामले में एक बार तहसील स्तर से आई टीम ने जांच कर भूमि को लोक निर्माण विभाग की बताया लेकिन नगर पालिका इस भूमि के स्वामित्व को लेकर अड़ी रही।
लोगों को समझाते जहांगीराबाद नगरपालिका ईओ, वीडियो
दो साल पहले भी हुई थी नीलामी स्थगित
दो वर्ष पूर्व भी इन दुकानों की नीलामी के लिए नगर पालिका ने मुनादी बतौर अखबार में प्रकाश दिया था। लेकिन इस मामले में फिर से शिकायत हुई और नीलामी को स्थगित करना पड़ा। ईओ अब शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर जमीन की पैमाइश करने की बात कह रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी एक्सइएन ने कहा, जमीन का रिकार्ड उनके पास नहीं
लोक निर्माण विभाग खण्ड 2 के अधिशासी अभियंता प्रताप सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने इस मामले में जानकारी होने से इंकार किया। उन्होने कहा कि जमीन का रिकॉर्ड राजस्व विभाग के पास होता है। उनके विभाग के पास जमीनों का कोई रिकॉर्ड नहीं होता।
शिकायतकर्ता सलीम सैफी खुलकर आए सामने
सलीम सैफी का पूरा बयान सुनिए, वीडियो
इस मामले को लेकर सलीम सैफ़ी ने बताया कि वह न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। बुलन्दशहर के सीजेएम कोर्ट में इस मामले को लेकर वाद अब भी चल रहा है। बावजूद इसके नगर पालिका ने इन 15 दुकानों की नीलामी शुरू कर दी। उनका कहना है कि हक के लिए वो आखिरी दम तक लड़ेंगे।
क्या एक फोन से रुकी नीलामी?
जानकारी के मुताबिक, 15 दुकानो ने से नम्बर 1 और 2 दुकान अनुसूचित जाति के लिए तथा 3 और 4 ओबीसी के लिए आरक्षित रखी गई थीं। इसमें से 1 नम्बर दुकान की बोली 8 लाख 90 हजार रुपये में छूट भी गई। ऐसी चर्चा है कि अगली दुकान की बोली लगने से पहले ही एक फ़ोन ईओ के पास आया और बोली स्थगित कर दी गई। हालांकि फोन आया या नहीं? इस मामले में पालिका अफसर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
ईओ का भी पूरा बयान सुन लीजिए
ईओ का बयान, वीडियो
ईओ मणि जी सैनी का कहना है कि नगर पालिका ने अपनी भूमि पर दुकान बनवाई हैं जिनको नीलाम किया जा रहा था। फिलहाल बोली स्थगित कर दी गई है। लेकिन जल्द ही एक नई तिथि निश्चित कर नीलामी की जाएगी। हालांकि उन्होंने क्या कुछ कहा है, उसे ऊपर दिए वीडियो में देखा- सुना जा सकता है।
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