चिराग त्यागी
स्याना: खानपुर के कनौना इंटर कॉलेज में मच्छर मारने की दवा के छिड़काव से 80 छात्र-छात्राओं के बेहोश होने के मामले की जांच टीम के स्तर से शुरू कर दी गई है। बुधवार को एडीआईओएस सतीश कुमार के नेतृत्व में टीम कॉलेज पहुंची। दस्तावेज खंगाले, कमरों का मुआयना किया। मौके पर प्रिंसिपल नदारद रहे। छात्र- छात्राएं डर की वजह से स्कूल नहीं पहुंचे। इसके अलावा शिक्षा विभाग समिति और जिला मलेरिया विभाग की टीम भी जांच करने के लिए पहुंची। वहीं, टीम के पहुंचने की जानकारी मिलते ही अभिभावक कॉलेज के बाहर जमा हो गए। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा जमकर नारेबाजी की।
कनौना इंटर कॉलेज में बेहोश हुए छात्रों की मूल खबर यहां पढ़े:
खानपुर के कनौना इंटर कॉलेज में मच्छर मारने की दवा छिड़काव करने से 30 से अधिक छात्र- छात्राओं की तबियत बिगड़ी, कई बेहोश होकर जमीन पर गिरे, एम्बुलेंस नहीं पहुंची तो खुद के वाहनों में अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन.. जांच के लिए एसडीएम मौके पर
जांच टीम ने स्कूलकर्मियों से की पूछताछ, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
जिलाधिकारी के निर्देश पर डीआईओएस ने एडीआईओएस सतीश कुमार की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी है। टीम बुधवार को जांच करने पहुंच गई। कमेटी में राजकीय स्कूल के प्रिंसिपल जगपाल सिंह और शिक्षा विभाग के अन्य सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा जिला मलेरिया विभाग के अफ़सरों की टीम भी जांच के लिए पहुंची। एडीआईओएस सतीश कुमार ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने दवा छिड़काव की कोई जानकारी छात्रों को नहीं दी। छात्रों को इस संबंध में जागरूक किया जाना चाहिए। यह चूक इरादतन तो नहीं है, लेकिन गंभीर लापरवाही जरूर है।
सफाई कर्मचारियों से पूछताछ
जांच टीम ने दवा छिड़काव करने वाले सफाई कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा। उनसे पूछा गया कि छिड़काव का आदेश किसने दिया, कौन सी दवा इस्तेमाल की गई, और दवा को कितनी मात्रा में पानी के साथ मिलाया गया। दोनों पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
कनौना इंटर कॉलेज की दूसरी खबर यहां पढ़े:कनौना इंटर कॉलेज में फागिंग से करीब 80 छात्र हुए थे बीमार, 35 से अधिक मेरठ रेफर, कीटनाशक दुकान का लाइसेंस निलंबित, स्कूल में नहीं पढ़ने पहुंचा कोई छात्र, हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे शिक्षक
नहीं मिले प्रधानाचार्य, छात्र भी गायब
एडीआईओएस सतीश कुमार ने बताया कि स्कूल में प्रिंसिपल नहीं मिले हैं। छात्र की डर की वजह से नहीं आ रहे हैं। प्रिंसिपल को बयान दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया है। छात्रों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। उसके बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्र- छात्राओं के न होने से स्कूल में सन्नाटा पसरा रहा।

स्कूल प्रबंधन के खिलाफ़ हंगामा करते अभिभावक
ग्रामीणों का गुस्सा फूटा
जांच टीम के स्कूल पहुंचने की खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उनकी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते सूचना दी गई होती, तो इतना बड़ा हादसा टल सकता था। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत भी दर्ज की।
80 छात्र हुए थे बेहोश, 35 मेडिकल कॉलेज में भर्ती
बता दें कि कनौना इंटर कॉलेज में मच्छर मारने के लिए दवा छिड़काव के बाद करीब 80 छात्र-छात्राएं बेहोश हो गए थे। इनमें से 35 से अधिक को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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